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Shamli News: ई-केवाईसी और आधार लिंकिंग न होने से किसानों के सपनों पर संकट

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- किसानों की पुकार : महीनों से रुकी निधि, उम्मीदों में निराशा का साया
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- जिले के 19 हजार किसानों की सम्मान निधि रुकी, खलबली

संवाद न्यूज एजेंसी



शामली। जिले के 19 हजार 136 किसानों की प्रधानमंत्री सम्मान निधि रोक दी गई है। किसानों का कहना है कि बार-बार अधिकारियों के चक्कर काटने के बावजूद उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा। इसका मुख्य कारण है कि ई-केवाईसी, बैंक खाते और जमीन के आधार से सीडिंग की औपचारिकताएं पूरी नहीं की गईं हैं। अब केवल औपचारिकताएं पूरी करने के बाद ही किसान इस निधि का लाभ उठा पाएंगे।

किसानों में खलबली मची हुई है। जिला कृषि अधिकारी प्रदीप यादव ने कहा कि जल्द से जल्द ई-केवाईसी और अन्य औपचारिकताएं पूरी करने पर ही सम्मान निधि जारी की जा सकती है। उन्होंने किसानों से आग्रह किया कि वे देर न करें और अपने बैंक खाते, आधार और जमीन की लिंकिंग सुनिश्चित करें। सरकार की ओर से खेतीबाड़ी में सहयोग के लिए किसानों को प्रधानमंत्री सम्मान निधि का लाभ दिया जाता है। यह राशि साल में तीन किस्तों में सीधे किसानों के बैंक खाते में भेजी जाती है। हर किस्त के रूप में दो-दो हजार रुपये मिलते हैं। जिले में कुल एक लाख 44 हजार किसानों को यह लाभ मिल रहा है।
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- कहां कराई जा सकती हैं औपचारिकताएं
किसी भी जन सेवा केंद्र, कृषि विभाग के ब्लॉक कार्यालय, कृषि एवं भूमि संरक्षण अधिकारी कार्यालय, जिला मुख्यालय पोस्ट ऑफिस, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि पोर्टल।
- किसानों की परेशानियां
ऐरटी गांव के किसान मुकेश कुमार ने बताया कि चार महीने पहले ही उनकी निधि रोक दी गई। ई-केवाईसी होने के बावजूद राशि जारी नहीं हुई। अब परेशानी हो रही है।
खेड़ी करमू के शिवकुमार ने बताया कि दो बार से उनकी निधि नहीं आई। हाल ही में उन्होंने ई-केवाईसी कराई है, फिर भी समस्या बनी हुई थी।

इन्होंने कहा

जिला कृषि अधिकारी प्रदीप यादव ने किसानों से अपील की है कि वे जल्द से जल्द ई-केवाईसी, बैंक खाते लिंकिंग और लैंड सीडिंग कराएं। उन्होंने कहा कि इससे समय पर निधि उनके खाते में जमा होगी और किसानों को आर्थिक राहत मिलेगी।
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किसानों को सलाह दी जा रही है कि किसी भी औपचारिकता में देरी न करें। विभाग लगातार जागरूकता अभियान चला रहा है और सोशल मीडिया, गोष्ठियों के माध्यम से किसानों को पूरी जानकारी दी जा रही है।
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