चौसाना। चौसाना चौकी क्षेत्र के गांव ऊदपुर में 30 वर्षीय मजदूर की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। शव उसके मालिक के गन्ने के खेत में ही पड़ा मिला। मजदूर बुधवार की शाम से लापता था, लेकिन पुलिस को उसके लापता होने की सूचना नही दी गई थीं। मौके पर पहुंचे एएसपी और सीओ ने मामले की जानकारी ली। फोरेंसिक टीम ने भी जांच पड़ताल की।
गांव ऊदपुर में कालू (30 वर्ष) किसान आनंदपाल के यहां पशुओं का चारा व खेत का काम करके मजदूरी करता था। बुधवार की शाम से युवक लापता था, लेकिन पुलिस को जानकारी नहीं दी गई थी। बृहस्पतिवार को आनंदपाल के खेत के पड़ोसी काम करने पहुंचे तो आनंदपाल के गन्ने के खेत की मेढ़ पर मजदूर का शव पडा देखा। पड़ोसियों ने आनंदपाल को मजदूर का शव पड़ा होने की सूचना दी। आनंदपाल ने ग्राम प्रधान व पुलिस को घटना की जानकारी दी। सूचना मिलने पर पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और शव को कब्जे मे लेकर जांच की। एएसपी संतोष कुमार, सीओ कैराना अमरदीप मौर्य ने फोरेंसिक टीम के साथ मौके पर पहुंंचे और घटना की जानकारी ली। एएसपी का कहना है कि शरीर पर जाहिरा चोट का निशान नहीं है। मृतक गूंगा था और बोल नहीं पाता था। वह कहां का रहने वाला था, यह अभी पता नहीं चला है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत के कारण का पता चलेगा। उसी के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
तीन साल से किसान के यहां रहा रहा था युवक
चौसाना। आनंदपाल ने बताया कि तीन साल पूर्व युवक बदहवास हालात में उनके पास आया था। उन्होंने युवक को नहलाया और खाना खिलाया। युवक गूंगा होने के कारण अपने परिजनों के बारे में कोई जानकारी नहीं दे सका। तब से वह उनके साथ खेत में काम करने लगा था। युवक को बिहार का निवासी बताया जाता है और कुछ मानसिक रूप से भी बीमार बताया गया। वहीं दूसरी और आनंदपाल ने पुलिस को युवक के बारे में कोई जानकारी नहीं दी थी और न ही ही दिल्ली स्थित किसी मजदूर संगठनों को बताया था। पुलिस का कहना है कि सभी मामलों पर जांच की जा रही है।