भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत ने कहा कि बकाया गन्ना भुगतान समेत विभिन्न समस्याओं को लेकर शामली कलक्ट्रेट समेत प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों पर 14 फरवरी को धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। चेतावनी दी कि समस्या का समाधान नहीं होने पर गन्ना मंत्री के कार्यालय घेराव किया जाएगा।
शनिवार को नगरपालिका सभागार में पत्रकारों से बातचीत में भाकियू प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि भाकियू द्वारा निकाली गई किसान क्रांति यात्रा में किसानों पर लाठीचार्ज के बाद केंद्र सरकार ने किसानों की मांगों पर सहमति जताई थी। इसके चलते केंद्र सरकार ने किसानों को छह हजार रुपये प्रति वर्ष देने की घोषण की, जबकि किसानों ने 25 हजार रुपये प्रति वर्ष की मांग की थी। सरकार के बजट से किसान कतई संतुष्ट नहीं है। किसानों के बकाया गन्ना भुगतान, बिजली और बजट को लेकर 14 फरवरी को प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों पर भाकियू प्रदर्शन करेगी। बिजनौर में भाकियू अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत और मुजफ्फरनगर में गौरव टिकैत आंदोलन की कमान संभालेंगे। शामली कलक्ट्रेट में शासन-प्रशासन से आरपार की लड़ाई लड़ी जाएगी। इस दौरान आंदोलन की तैयारी और जिले में यूनियन के कार्यों के संचालन के लिए पांच सदस्यीय कमेटी गठित की गई। यह कमेटी जिलाध्यक्ष राजू अहलावत से समन्वय बनाकर कार्य करेगी। मौके पर प्रदेश प्रवक्ता कुलदीप पंवार, प्रदेश महासचिव जावेद तोमर, जिला महासचिव प्रदीप त्यागी, सतपाल पहलवान, पुष्पेंद्र डायरेक्टर, जितेंद्र निर्वाल, दीपक शर्मा, अमरदीप, योगेंद्र, नदीम चौहान आदि मौजूद रहे।
किसान का ट्रैक्टर ही टैंक है
शामली। राकेश टिकैत ने कहा कि प्रशासन ने किसानों के दस साल पुराने ट्रैक्टरों को रोकने का प्रयास किया तो किसान दस साल पुराने सरकारी वाहनों पर पेंट कर उस वाहन का मॉडल नंबर और भाकियू लिखेगी। ट्रैक्टर का चालान होगा तो उसी समय सरकारी वाहन के कागज भी अधिकारियों से मांगे जाएंगे। उन्होंने कहा कि ट्रैक्टर किसान का टैंक है। ट्रैक्टर की बदौलत ही किसान दिल्ली में घुसा था। इसके अलावा उन्होंने बताया कि अब फारमर टू फारमर अभियान के तहत किसान एक दूसरे प्रदेश में जाकर तकनीकी खेती के गुर सीखेंगे। वहीं, भाकियू मुख्यालय सिसौली में स्थित किसान भवन के संग्राहलय में देेश के सभी प्रदेशों की मिट्टी लाकर रखी जाएगी। संग्राहलय में वहां की मिट्टी में होने वाली प्रमुख फसलें और उसकी खासियत की जानकारी उपलब्ध रहेगी, जिससे किसानों को देशभर की मिट्टी के बारे में जानकारी एक ही जगह मिल सकेगी।