बीएसएम स्कूल में आयोजित यातायात सप्ताह के दौरान जागरूकता शिविर में छात्र-छात्राओं ने यातायात पुलिस अफसरों के सामने सवालों की झड़ी लगा दी। पूछा कि क्या नियम कायदे आम लोगों के लिए हैं। सड़कों पर चल रही खटारा रोडवेज बसों की फिटनेस भी तो चेक होनी चाहिए।
कक्षा दस की छात्रा शिवि और अनुराग चौहान ने पूछा कि बिना हेलमेट के बाइक स्कूटी चलाने वालों पर कार्रवाई क्यों नहीं होती। रोडवेज चालक भी नियमों का उल्लंघन कर तेजी से बस चलाते हैं। उन्हें भी पकड़ना चाहिए। सड़कों पर लड़के स्टंटबाजी करते हुए कट मारकर बाइक चलते हैं। इनके खिलाफ अभियान चलना चाहिए। रोडवेेज बसें इतनी खटारा होती हैं, क्या उनकी फिटनेस चेक नहीं होनी चाहिए? सड़कों पर गड्ढों की वजह से दुर्घटनाएं होती हैं, ट्रैफिक पुलिस इसके लिए कुछ करती क्यों नही। छात्र-छात्राओं के सवालों का यातायात निरीक्षक ने जवाब दिया। कहा कि ट्रैफिक पुलिस लोगों को जागरूक करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है, लेकिन लोगों को खुद भी अपने जीवन की रक्षा करनी चाहिए । ट्रिपल राइडिंग करना जीवन जोखिम में डालने जैसा है। वाहन की छत पर बैठकर या चलते वाहनों में नहीं चढ़ना चाहिए। कहा कि रोडवेज बसों की भी फिटनेस चेक होती है। परिवहन विभाग इस काम को करता है। कानून सबके लिए समान है। उन्होंने कहा कि नाबालिग बच्चों को वाहन नहीं चलाना चाहए। हादसों से बचने के लिए सबसे पहले लोगों को खुद जागरूक होना होगा। इसी के बाद हम दुर्घटनाओं पर अंकुश लगा सकते हैं। प्रधानाचार्या निर्मला मलिक ने कहा कि वाहन चलाने से पहले यातायात नियमों की अच्छी तरह जानकारी होनी चाहिए।