शामली। किसानों के बकाया गन्ना भुगतान की मांग को लेकर किसानों के शुगर मिल पर चल रहे धरने में भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत की मौजूदगी में हंगामा खड़ा हो गया। एक पक्ष ने कहा कि खाप चौधरी इसका फैसला करेंगे कि धरना आगे चलेगा या नहीं इस पर कुछ किसानों ने हूटिंग करते हुए खाप चौधरियों पर विश्वास जताने से इनकार कर दिया। जिस पर खाप चौधरी धरना स्थल से चले गए। हालांकि, बाद में उन्हें मनाकर लाया गया।
बकाया गन्ना भुगतान की मांग को लेकर शामली कलक्ट्रेट और शुगर मिल शामली में किसान और खाप चौधरियों का धरना चल रहा है। शुक्रवार को शुगर मिल धरने में भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत शाम पांच बजे पहुंचे।
सर्वखाप समन्वय किसान मंच के अध्यक्ष संजीव ने कहा कि किसानों की मांग जायज है। धरने को लेकर जो भी फैसला होगा वह खाप चौधरी सुनाएंगे। इस पर कुछ किसानों ने हूटिंग शुरू कर दी और कहा कि पहले भी खाप चौधरियों ने धरना उठवा दिया था। उन्हें इन पर विश्वास नहीं। इतना कहते ही धरनास्थल पर हंगामा खड़ा हो गया। किसानों के दो पक्ष आपस में उलझ गए। इस दौरान कालखंडे खाप के चौधरी बाबा संजय और अन्य खाप चौधरियों ने कहा कि जब चौधरियों का सम्मान ही नहीं तो उनके यहां आने का कोई फायदा नहीं है। खाप चौधरी धरनास्थल से उठकर चले गए। जिसको लेकर काफी देर तक हंगामा चलता रहा। बाद में किसानों ने माफी मांगते हुए खाप चौधरियों को मौके पर बुलाया।
भाकियू अध्यक्ष ने कहा कि कुछ किसानों का यह व्यवहार गलत है। सभी लोग किसानों के लिए ही बैठे हैं। किसानों की मांग जायजा है इस तरह का रास्ता निकाल लो, जो धरना भी चलता रहे और मिल भी बंद न हो। वह किसानों के साथ है।
संजीव शास्त्री ने कहा कि बकाया भुगतान लेने पर ही उठेंगे। बाद में 11 सदस्यीय कमेटी गठित की गई। कमेटी के सदस्य देर शाम डीएम रविंद्र कुमार चौहान से मिले। डीएम ने आगामी सितंबर माह तक भुगतान की बात कहीं।
धरने में धरने बाबा श्याम सिंह, बाबा रविंद्र, बाबा शोकिंद्र, विनय कुमार, थांबेदार हरेंद्र, भाकियू जिलाध्यक्ष्र कालिंदर मलिक, ओमपाल मलिक, रविंद्र राणा, युद्धवीर प्रधान, आकाश चौधरी, आशू, संजीव शास्त्री आदि मौजूद रहे।
.एक दूसरे पर लगाए आरोप
सर्वखाप समन्वय किसान मंच के अध्यक्ष मा. संजीव ने कहा खाप चौधरी सबके हैं, उनका मान रखना हर किसी की जिम्मेदारी है। संजीव शास्त्री का कहना है कि उन्होंने कोई हंगामा नहीं कराया। बकाया भुगतान नहीं होने तक धरना जारी रहेगा। किसानों की मांग को पूरा कराकर ही दम लेंगे।