शामली के कांधला में यमुना खादर में अवैध रेत खनन को लेकर ग्रामीणों और खनन माफियाओं के बीच हुई फायरिंग के मामले में पुलिस ने एक दर्जन लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है।
वहीं, इस्सोपुर टील में छापा लगने पर माफियाओं ने रात में खनन क्षेत्र से पॉकलेन मशीन चोरी कर ली थी, जिसे देर रात पुलिस ने हरियाणा के एक गांव से बरामद कर लिया।
गांव इस्सोपुर टील यमुना नदी किनारे काफी समय से अवैध रेत खनन किया जा रहा था। बार बार खनन पर गोलियां चलने से परेशान ग्रामीणों ने पुलिस से खनन बंद कराने की मांग की थी।
पुलिस ने कार्रवाई नहीं की, तो डुंडूखेडा और इस्सोपुरटील के ग्रामीणों ने खनन माफियाओं के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था। एक दिन पूर्व ही ग्रामीणों और खनन माफियाओं के बीच फायरिंग हो गई थी।
जिसके बाद कांधला थाना पुलिस मौके पर पहुंची, तो खनन माफिया पॉकलेन मशीन, जेसीबी, रेत से भरा ट्रक और एक बाइक मौके पर छोड़कर फरार हो गए थे।
पॉकलेन मशीन रेत में धंसने के कारण पुलिस उसे कब्जे में नहीं ले पाई थी, जबकि ट्रक, जेसीबी मशीन और बाइक को थाने ले आई थी। खनन क्षेत्र से पुलिस के लौटने के बाद पॉकलेन मशीन को खनन माफिया गुपचुप ले गए, जिसकी सूचना मिलने पर देर रात पुलिस ने हरियाणा के एक गांव से बरामद कर लिया।
मामले में पुलिस की तरफ से दर्ज कराई गई रिपोर्ट में पॉकलेन मशीन चुराने, अवैध रेत खनन और सरकारी कार्य में बाधा डालने सहित कई संगीन धारा लगी हैं। थानाध्यक्ष नरेश कुमार यादव ने बताया कि मामले में करीब एक दर्जन लोगो के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है।
यह लोग हुए नामजद
थानाध्यक्ष नरेश यादव के मुताबिक अवैध रूप से रेत खनन को लेकर श्रीपाल, रविन्द्र, अमित, राकेश, विनयपाल, सुभाष प्रधान और रामकुमार निवासी इस्सोपुरटील, जोगेन्द्र, राजेन्द्र उर्फ बाली प्रमुख, अशोक, बबलू शामली, महबूब निवासी गंगेरू तथा 15 अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई है।