चुनाव में जाटों को साधने के लिए प्रत्याशियों ने खाप चौधरियों का सहारा लेना शुरू कर दिया है। सोमवार को शहर में हुई जनसभा में भाजपा और कांग्रेस दोनो के मंच पर खाप चौधरी और थांबेदार नजर आए।
दरअसल, शामली-मुजफ्फरनगर जिलों में खापों की खास अहमियत होती है। खाप के फैसलों का चुनावों में भी असर होता है। यही वजह है कि प्रत्याशी और पार्टियां अपने मंच पर खाप चौधरियों को लाने के लिए खूब भागदौड़ करती हैं। सोमवार को भाजपा प्रत्याशी प्रदीप चौधरी की जनसभा के दौरान गठवाला खाप के दादा हरियाणा निवासी बलजीत सिंह को ना केवल मंच पर जगह दी गई बल्कि उन्होंने ही सभा की अध्यक्षता भी की। इसी तरह कांग्रेस की जनसभा में गठवाला खाप चौधरी बाबा हरिकिशन मलिक के बेटे चौधरी राजेंद्र मलिक, थांबेदार श्याम सिंह, रविंद्र मलिक आदि खाप थांबेदार और प्रतिनिधि भी नजर आए । दरअसल, कांग्रेस प्रत्याशी हरेंद्र मलिक जाट होने के नाते जाट मतों पर अपना अधिकार जता रहे हैं, जबकि सपा प्रत्याशी तबस्सुम बेगम गठबंधन में रालोद के शामिल होने के कारण जाट मत मिलने की पूरी उम्मीद लगाए हुए हैं। इसी के चलते भाजपा और कांग्रेस दोनों ने अपने मंच पर खाप चौधरियों को बैठाकर जाट मत अपने पाले में लाने की कोशिश की है। इसका असर कितना हुआ है ये तो चुनाव परिणाम ही बताएंगे।
मौसम ने भी खूब दिया साथ
शामली। सोमवार को भाजपा और कांग्रेस की जनसभाओं के दौरान मौसम ने भी खूब साथ दिया। सुबह से ही मौसम ठंडा था। हवाएं चल रही थी। धूप भी हल्की थी। लिहाजा जनसभा में आए लोगों को गर्मी से कुछ सकून मिला। इसके विपरीत पांच अप्रैल को भाजपा की ननौता में हुई प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जनसभा के दौरान भयंकर गर्मी और उमस से लोग बेहाल रहे।