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कहर बरपाती गर्मी से जनजीवन हुआ प्रभावित

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file - फोटो : amarujala
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पिछले चार दिनों से कहर बरपा रही गर्मी के कारण जनजीवन प्रभावित हो गया है। रात के तापमान में एक डिग्री पारे में बढ़ोतरी दर्ज की गई। मंगलवार को दिन का तापमान 43 डिग्री और न्यूनतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दोपहर बाद तेज धूप के कारण उमस भरी गर्मी से लोग पसीनों से तरबतर रहे। मौसम वैज्ञानिकों के  मुताबिक बुधवार और बृहस्पतिवार को मौसम में बदलाव से मामूली राहत मिलेगी। शुक्रवार और शनिवार को दिन के तापमान में बढ़ोतरी होगी। रात के तापमान में रिकार्ड तोड़ बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी।  
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 पिछले चार दिनों से चिलचिलाती धूप से जनजीवन प्रभावित हो गया है। मंगलवार की सुबह आठ बजे आकाश में बादल छा जाने से मौसम में बदलाव आया। 11 किमी हवाएं चलने से थोड़ी देर के लिए लोगों को गरमी से राहत मिली। दोपहर तक हलकी धूप निकलने से दिन का तापमान 42 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। दोपहर बाद तेज धूप निकलने के बाद दिन का तापमान 43 डिग्री सेल्सियस, न्यूनतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दोपहर बाद में तेज धूप और उमस भरी गर्मी से लोग पसीने से तरबतर रहे। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक बुधवार  को तीन डिग्री तापमान में गिरावट दर्ज  किए जाने के बाद दिन का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस, न्यूनतम तापमान 28 डिग्री रहने का आसार है। बृृहस्पतिवार को 42 व न्यूनतम  तापमान 28 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया जाएगा। शुक्रवार और  शनिवार को गर्मी के साथ तापमान में  बढ़ोतरी होने के  बाद शुक्रवार को  43 व  29  डिग्री सेल्सियस व  शनिवार को 44 व न्यूनतम तापमान 31 डिग्री रिकार्ड किए जाने की संभावना  है। कृषि विज्ञान केंद्र बघरा के निदेशक डाक्टर पीके सिह के मुुताबिक पूूरे सप्ताह भीषण गर्मी पड़ेगी।

 पानी की कमी से बीमार होते पशु
शामली। भीषण गर्मी के बावजूद दुधारू पशुओं का दूध का उत्पादन  पचास फीसदी कम  हो रहा है। गर्मी के कारण पशुओं की भोजन मात्रा कम हो जाती है। लू और गर्मी के कारण पानी की कमी से  पशु बीमार होना शुरू हो जाते हैं। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डाक्टर राजेश कुमार का कहना है कि भीषण गर्मी से पशु बीमार  हो रहे हैं। दूध की कमी होने का मुख्य एक कारण यह भी है कि मई और जून में हरे चारे की कमी होजाती है। हरे चारे की कमी के चलते पशुओं को सूखा भूसा खाना पड़ता है। सूखे भूसे से दूध की मात्रा कम हो जाती है।
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