बेटी पैदा होने पर हरिद्वार से 125 किलोमीटर का लेटकर सफर तय कर कांवड़ और जल लेकर पानीपत का दीपक बुधवार रात को शामली पहुंचा। दीपक के कठिन सफर और भक्ति को देखकर हर कोई दंग रह गया। दीपक का कहना है कि बेटियां परिवार का मान बढ़ाती हैं। वह अन्य लोगों को भी बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ के प्रति जागरूक कर रहा है।
भले ही कुछ लोग बेटियों को गर्भ में ही मारने से गुरेज नहीं कर रहे हों लेकिन मगर ऐसे भी लोगों की कमी नहीं हैं, जो बेटियों के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं। जी हां, ऐसे ही शख्स है पानीपत के रहने वाले दीपक कुमार। दीपक कुमार ने भगवान शिव से डेढ़ साल पूर्व ही बेटी के लिए मनोकामना मांगी थी। मनोकामना पूर्ण होने पर हरिद्वार से पानीपत तक लेटकर कांवड़ और जल लाने का वचन दिया था।
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kanwar yatra 2023
- फोटो : Amar Ujala
बेटी पैदा होने पर दीपक बुधवार को हरिद्वार से करीब 125 किलोमीटर तक सड़क पर लेटकर शामली पहुंचा। अभी उसे पानीपत तक 40 किलाेमीटर का सफर और तय करना है। यानी कुल 165 किलोमीटर का सफर दीपक लेटकर तय करेगा। दीपक बोल बम, बम-बम के जयघोष के साथ आगे बढ़ रहा था। उसका हौंसला देखते ही बन रहा था। पसीने से तर बतर होने के बावजूद दीपक मंजिल की तरफ बढ़ रहा था।
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दीपक ने बताया कि वह चाहता था कि बेटी पैदा हो। जिसके लिए उसने भगवान शिव से मनोकामना मांगी थी। छह माह पूर्व ही पत्नी ने बेटी को जन्म दिया। उसकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। बेटी के जन्म लेने पर उसने खुशी में पूरे मोहल्ले में मिठाईयां भी बांटी थी। अब वह 15 जुलाई को पानीपत में जल चढ़ाएगा। जिसके लिए लेटकर भाेले के जयकारे के साथ सफर तय कर रहा है। कहा कि वह सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों को बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ के प्रति भी जागरूक करता है। 6 जुलाई को वह हरिद्वार से जल लेकर चला था।
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रास्ते में दिक्कतें भी नहीं डिगा सकी हौसला
दीपक ने बताया कि रास्ते में लेटकर आने के दौरान कई बार दिक्कत भी आईं। मगर बाबा के आशीर्वाद के कारण दिक्कतों का सामाना करते हुए आगे बढ़ रहा है। लोगों से भी अपील है कि वह बेटियों को जन्म लेने दें, बेटियां एक दिन नाम जरूर रोशन करेगी। दीपक के साथ एक ऑटो में उसके परिवार के कुछ सदस्य भी चल रहे थे। ऑटो में भगवान शिव के भजन चल रहे थे, जो हर किसी को अपनी ओर आकर्षित कर रहे थे। हर कोई दीपक की आस्था की सराहना करता दिखाई दिया।
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कसबे में खुशहाली के लिए कांवड़ लेकर पहुंची गोहाना की 11 सहेलियां
हरियाणा के गोहाना की रहने वाली संतोष, बिमला, प्रकाशो, ममता, कश्मीरी आदि समेत 11 सहेलियां बुधवार को हरिद्वार से कांवड़ लेकर शामली पहुंची। बताया कि कसबे के खुशहाली के लिए वे कांवड़ लेकर आईं हैं। पिछले कुछ समय से कांवड़ ला रही हैं। स हेलियों में कुछ छात्राएं भी हैं।
सौहार्द की मिसाल कायम की
कैराना में कांधला रोड पर मुस्लिम सत्तार अहमद, अय्यूब खान, मोहसीन आदि ने हरिद्वार से आने वाले शिवभक्तों को केले और अन्य फलों का वितरण किया। सभी हाथ जोड़कर शिवभक्तों से फलों को लेने की अपील कर रहे थे। बताया कि कई साल से सभी शिवभक्तों की सेवा करते चले आ रहे हैं।