शामली। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की नई औद्योगिक नीति के आने से कंडेला औद्यागिक क्षेत्र में विकास की संभावना बन गई हैं। शासन से औद्योगिक विकास के लिए पांच करोड़ रुपये की धनराशि अवमुक्त हो सकती है।
वर्ष 1982-83 में कंडेला औद्योगिक क्षेत्र स्थापित कर 41 इकाइयों के प्लांट आवांटित किए थे। पिछले 43 सालों में कंडेला औद्योगिक क्षेत्र में 150 से अधिक औद्योगिक इकाई स्थापित हो गई हैं, किंतु औद्योगिक इकाइयों में बिजली, पानी, सड़क, नाली की उचित व्यवस्था नहीं है। वहीं विकास के लिए धनराशि कानपुर निदेशालय से जारी नहीं की जा रही है। साईमा एवं लघु उद्योग भारती के चेयरमैन अंकित गोयल, आईआईए के चेयरमैन की ओर से कानपुर निदेशालय को कंडेला औद्योगिक क्षेत्र का सीमा विस्तार का प्रस्ताव ढाई साल पहले भेजा गया था। पांच करोड़ रुपये की धनराशि का एस्टीमेट लंबित है। जिला उद्योग केंद्र की उपायुक्त जैस्मिन फौजदार ने बताया कि गत आठ अगस्त 2025 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की नई औद्योगिक नीति आने से कंडेला औद्योगिक क्षेत्र के सीमा विस्तार को मंजूरी मिलने की उम्मीद है।