- जून 2021 में दरभंगा पार्सल ब्लास्ट में कैराना के चार आरोपियों को एनआईए ने किया था गिरफ्तार
संवाद न्यूज एजेंसी
कैराना। करीब सवा दो साल पहले बिहार के दरभंगा रेलवे ब्लास्ट में कैराना के चार लोगों को एनआईए ने गिरफ्तार किया था। मुख्य साजिश कर्ता हाजी सलीम के पाकिस्तान से कनेक्शन बताए गए थे। जबकि 1995 में दिल्ली में पाकिस्तान से आई पिस्टल पकड़े जाने के बाद कैराना निवासी इकबाल काना पाकिस्तान भाग गया था तथा वहीं रहकर भारत विरोधी गतिविधियों को अंजाम देता चला आ रहा है।
जून 2021 में दरभंगा रेलवे स्टेशन पर सिकंदराबाद दरभंगा एक्सप्रेस में पार्सल ब्लास्ट हुआ था। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर हैदराबाद में एनआईए ने कैराना निवासी दो सगे भाइयों नासिर व इमरान को गिरफ्तार किया था। जबकि ब्लास्ट के मास्टर माइंड हाजी सलीम व कासिम उर्फ कफिल को भी एनआईए ने कैराना में डेरा डालने के बाद गिरफ्तार कर लिया था। एनआईए के अधिकारियों ने बताया था कि मास्टर माइंड हाजी सलीम ने पाकिस्तान में बैठे इकबाल काना के कहने पर पार्सल ब्लास्ट की घटना को अंजाम दिया था।
गठरी व्यवसाय से शुरू होकर पिस्टल तक इकबाल काना
90 के दशक में कैराना में गठरी व्यवसाय के नाम से पाकिस्तान से तस्करी होती थी। कैराना के लोगों की रिश्तेदार पाकिस्तान में होने के कारण यहां के लोग पाकिस्तान आते जाते रहते थे। शुरू में भारत से पान छाली सुपारी जाती थी तथा वहा से डिस्को कपड़ा व मिर्जा चप्पल भारत में लाई जाती थी। हाजी अकबर के तीन बेटों में दूसरे नंबर के बेटे इकबाल काना ने शुरू में पाकिस्तान जाने वालो के कमीशन पर वीजा पासपोर्ट बनवाए, लेकिन बाद में लालच बढ़ा तो तीन हजार की दिहाड़ी पर अपने खर्च पर लोगो को पाकिस्तान भेज कर सोने की तस्करी कराने लगा। इस कड़ी में दिलशाद मिर्जा को नाम भी सामने आया था। जो बाद में पाकिस्तान भाग गया था। जबकि 1995 में दिल्ली में पाकिस्तान से लाई गई 75 पिस्टल पकड़ी गई थी। छह आरोपी भी गिरफ्तार हुए थे, जिन्होंने बताया था कि उक्त हथियार इकबाल काना के हैं। जिसके बाद इकबाल काना हमेशा के लिए पाकिस्तान भाग गया था तथा पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में रहकर भारत विरोधी गतिविधियों में लिप्त रहने लगा।