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Shamli Encounter: जहां पलायन से गरमाई थी सियासत, वहीं पहुंचकर सीएम योगी-अमित शाह ने दिया था सुरक्षा का भरोसा

Thu, 06 Aug 2026 09:11 AM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शामली

सार

कभी रंगदारी, हत्या और कथित पलायन को लेकर राष्ट्रीय चर्चा में रहे कैराना में वर्ष 2021 और 2022 के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पहुंचे थे। दोनों नेताओं ने व्यापारियों से संवाद कर सुरक्षा का भरोसा दिया और कानून-व्यवस्था को मजबूत करने का संदेश दिया।

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पलायन के मुद्दे को लेकर सीएम योगी ने किया था कैराना का दौरा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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 उत्तर प्रदेश के शामली जिले का कैराना कभी रंगदारी, हत्या और कथित पलायन के मुद्दे को लेकर राष्ट्रीय राजनीति का केंद्र बना था। इसके बाद प्रदेश सरकार की ओर से कानून-व्यवस्था को लेकर सख्त रुख अपनाया गया। इसी क्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अलग-अलग समय पर कैराना पहुंचकर व्यापारियों से मुलाकात की और उन्हें सुरक्षा का भरोसा दिया।

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2021 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पहुंचे थे कैराना
आठ नवंबर 2021 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कैराना के चौक बाजार पहुंचे थे। उन्होंने पलायन के बाद लौटे व्यापारी मुला पंसारी के घर जाकर स्थानीय व्यापारियों से बातचीत की। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और व्यापारियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी।

यह भी पढ़ें:  UP: शामली में एक लाख का इनामी फुरकान मुठभेड़ में ढेर, कैराना पलायन मामले में भी था आरोपी, 20 मुकदमे थे दर्ज

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दौरे के बाद बढ़ी पुलिस की सक्रियता
मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान व्यापारियों ने उनके सामने कुख्यात फुरकान का नाम भी रखा था। स्थानीय स्तर पर यह चर्चा रही कि पुलिस की सक्रियता बढ़ने के बाद फुरकान ने अपने पुराने मामलों में जमानत निरस्त कराकर जेल जाना उचित समझा। पुलिस की कार्रवाई के साथ क्षेत्र में अपराधियों पर दबाव बढ़ने की बात भी सामने आई।

2022 में अमित शाह ने भी व्यापारियों से किया संवाद
22 जनवरी 2022 को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी कैराना पहुंचे थे। उन्होंने साधु स्वीट्स पर व्यापारियों से मुलाकात कर क्षेत्र के पुराने और वर्तमान हालात की जानकारी ली। करीब 20 मिनट चली इस बातचीत में व्यापारियों ने पहले के भय के माहौल और वर्तमान स्थिति के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
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व्यापारियों ने सुनाया था रंगदारी का दर्द
व्यापारी राकेश गर्ग ने गृह मंत्री को बताया था कि वर्ष 2014 में रंगदारी नहीं देने पर तीन व्यापारियों की हत्या कर दी गई थी। उन्होंने यह भी बताया कि उनकी दुकान पर 20 लाख रुपये की रंगदारी की पर्ची मिलने के बाद उन्हें सुरक्षा कारणों से कैराना छोड़कर अंबाला जाना पड़ा था। व्यापारियों ने वर्तमान में कानून-व्यवस्था में सुधार की बात भी रखी, जबकि गृह मंत्री ने उन्हें सुरक्षा का आश्वासन दिया था।
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