लोकसभा-2019 चुनाव में कैराना सीट पर निर्वाचन आयोग की कड़ी नजर रहेगी। तहसील प्रशासन नेे क्षेत्र के करीब 70 वनरेबल बूथों का डाटा आयोग को भेजा है। निर्वाचन आयोग द्वारा वेब कास्टिंग के जरिए इन बूथों की पल-पल की गतिविधियों पर खैर खबर ली जाएगी।
कैराना लोकसभा सीट के अंतर्गत जिले की तीन विधानसभा सीटें कैराना, शामली और थानाभवन आती हैं। इनमें कैराना विधानसभा क्षेत्र सबसे संवेदनशील माना जाता है। पूर्व चुनावों के दौरान कई बार आपसी गुटबाजी के चलते यहां खून-खराबा हो चुका है। यही कारण है कि चुनाव को शांतिपूर्ण सकुशल संपन्न कराना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती के रूप में देखा जाता है। अब जबकि 11 अप्रैल को प्रथम चरण के तहत लोकसभा सीट पर मतदान होना है, जिसे लेकर प्रशासन पहले की पुख्ता इंतजाम करने में जुटा हुआ है। प्रशासन द्वारा संवेदनशील और अति संवेदनशील पोलिंग बूथों को चिह्नित कर लिया गया है। उपजिलाधिकारी डा. अमित पाल शर्मा ने बताया कि चुनाव आयोग के निर्देशानुसार तहसील क्षेत्र के 60-70 वनरेबल पोलिंग बूथों को चिह्नित किया गया, जिनमें जूनियर हाईस्कूल भूरा, इस्लामिया इंटर कॉलेज कैराना, गुर्जर बारातघर, रोडोवाली धर्मशाला, रामडा, गंगेरू, इस्लामपुर घसौली आदि शामिल हैं। उक्त बूथों का डाटा चुनाव आयोग को भेज दिया गया है। उन्होंने बताया कि चुनाव आयोग दिल्ली या लखनऊ से सीधे वेब कास्टिंग के जरिए वनरेबल बूथों की निगरानी करेगा, जिससे पल-पल की गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी। एसडीएम का कहना है कि चुनाव में माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने वाले असामाजिक तत्वों के खिलाफ दंडनात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। प्रशासन शांतिपूर्ण सुरक्षित वातावरण और व्यवस्था बनाए रखने के लिए कटिबद्ध है।
बॉर्डर से स्टेटिक स्क्वाड नदारद मिली, डीएम को भेजी रिपोर्ट
कैराना। लोकसभा चुनाव के मद्देनजर यूपी-हरियाणा बॉर्डर पर तैनात स्टेटिक स्क्वाड दल उपजिलाधिकारी के निरीक्षण के दौरान नदारद मिला। मामले की रिपोर्ट डीएम को भेजने के निर्देश दिए गए हैं।
शुक्रवार शाम उपजिलाधिकारी डा. अमित पाल शर्मा ने सीओ राजेश कुमार तिवारी के साथ में यूपी-हरियाणा बॉर्डर पर चुनाव के मद्देनजर कालाधन पर अंकुश लगाने के लिए तैनात किए गए उड़नदस्ता दल और स्टेटिक स्क्वाड दल की ड्यूटी का निरीक्षण किया। इस दौरान उड़नदस्ता दल तो मौके पर वाहनों की चेकिंग करता हुआ पाया गया, लेकिन स्टेटिक दल की टीम गायब मिली। एसडीएम ने बताया कि उड़नदस्ता दल का काम जगह-जगह घूमना और सूचना पर कार्रवाई करना है, जबकि स्टेटिक दल को एक स्थान पर बैरियर लगाकर चेकिंग करना होता है, लेकिन वह ड्यूटी के दौरान मौके पर मौजूद नहीं मिली। मामले को गंभीर मानते हुए उनकी कोतवाली में जीडी में एंट्री करा दी गई। साथ ही, उड़नदस्ता दल को जिला निर्वाचन अधिकारी/जिलाधिकारी को रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए गए हैं।
चुनाव में निडर होकर करें मतदान: एसडीएम
एसडीएम ने अधीनस्थ अधिकारियों के साथ क्षेत्र के वनरेबल मजरों में कमजोर तबके के लोगों से मुलाकात की। उन्होंने निडरता के साथ मतदान करने का आह्वान किया। शनिवार को एसडीएम डा. अमित पाल शर्मा व सीओ राजेश कुमार तिवारी ने क्षेत्र के विभिन्न वनरेबल मजरों का भ्रमण किया। इस दौरान एसडीएम ने कमजोर तबके लोगों से मुलाकात की और उनसे चुनाव में आने वाली समस्याओं के बारे में भी जानकारी ली।