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कब होगा कलक्ट्रेट और आवासीय भवनों का निर्माण पूरा

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file - फोटो : amarujala
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चार साल से निर्माणाधीन कलक्ट्रेट और आवासीय भवनों का निर्माण कार्य अभी तक पूरा नहीं हो पाया है। इसकी समयावधि भी डेढ़ साल पूर्व समाप्त हो चुकी है। बजट अवमुक्त न होने से निर्माण अधर में लटका हुआ है। डीएम ने शासन से दस करोड़ रुपये की धनराशि अवमुक्त कराने की आठ माह पूर्व मांग की गई थी, लेकिन अभी तक जारी नहीं हो पाई है।
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 पूर्वी यमुना नहर के किनारे गोहरनी गांव के जंगल नवीन कलक्ट्रेट और आवासीय भवनों के निर्माण के लिए 30 मार्च 2015 को स्वीकृति मिली थी। कलक्ट्रेट भवनों के लिए मूल स्वीकृति 10 करोड़ 40 लाख 94 हजार रुपये की दी गई थी। साथ ही शासन ने निर्माण के लिए उत्तर प्रदेश राज्य निर्माण निगम इकाई को कार्यदायी संस्था नामित किया था। कार्य पूर्ण करने के लिए पहले नवंबर 2017 और बाद में नवंबर 2018 की तिथि तय की थी। इसके साथ ही शासन ने दो किश्त जारी की थी। बाद में जिला मुुख्यालय से पुनरीक्षित लागत 33 करोड़ 63 लाख 46 हजार रुपये शासन को भेजी गई थी। मगर, इसके बाद से बजट जारी न होने से निर्माण कार्य अधर में लटका हुआ है। इसी प्रकार कलक्ट्रेट के आवासीय भवनों की धनराशि जारी न होने से परियोजना अधूरी है। कार्यदायी संस्था डीएम समेत चार ब्लाक का 50 प्रतिशत कार्य पूरा नहीं कर पाई है। मौजूदा डीएम अखिलेश कुमार सिंह ने  आठ माह पूर्व नवीन कलक्ट्रेट कार्यालय भवनों के निर्माण के लिए दस करोड़ रुपये की धनराशि की डिमांड शासन को भेजी थी। इस पर उत्तर प्रदेश लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता ने सहारनपुर मंडल के लोक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता रामेश्वर सिंह के नेतृत्व में टीम गठित करके कलक्ट्रेट भवन की सत्यापन रिपोर्ट तलब की थी। सत्यापन रिपोर्ट शासन को जाने के बावजूद कलक्ट्रेट कार्यालय के निर्माण के लिए शासन से धनराशि अवमुक्त नहीं हो पाई है।

डीएम अखिलेश कुमार सिंह ने बताया कि कलक्ट्रेट भवन के लिए उत्तर प्रदेश राजस्व बोर्ड के चेयरमैन ने शासन के मुख्य सचिव को पत्र लिखकर धनराशि अवमुक्त कराने का अनुरोध किया है। उनका कहना है कि जल्दी ही धनराशि अवमुक्त हो जाएगी।
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जिला योजना की बैठक में चर्चा करेंगे
कैैैैराना सांसद प्रदीप चौधरी का कहना है कि बुधवार को कलक्ट्रेट सभाकक्ष में जिला योजना की बैठक में जिले की अधूरी परियोजना पर विचार विमर्श करेंगे। बाद में जल्द मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ से मुलाकात विकास परियोजना के लिए बजट मांगेंगे।          

मुख्यमंत्री से मिलकर धनराशि अवमुक्त कराएंगे
नगर विधायक तेजेंद्र निर्वाल का कहना है कि कलक्ट्रेट समेत अधूरे विकास कार्यों के लिए लोकसभा चुनाव से पूर्व नियम तीन के तहत प्रश्न डाला था, जिस दिन विधानसभा में बहस होनी थी, उस दिन पुलवामा में जिले का जवान शहीद होने के कारण वह लखनऊ से वापस आए गए थे। शीघ्र ही कलक्ट्रेट समेत अधूरी विकास कार्यों के निर्माण के लिए धनराशि अवमुक्त कराने के लिए मुख्यमंत्री से मिलेंगे।
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नवीन कलक्ट्रेट अनावासीय भवन का ब्यौरा
निर्माण कार्योँ की स्वीकृति    30 मार्च 2015
मूल स्वीकृति लागत    104094 लाख रुपये
पुनरीक्ष्रित लागत    336346 लाख रुपये    
कार्य पूर्ण करने की तिथि    नवंबर 2018

कलक्ट्रेट आवासीय भवनों का ब्यौरा
निर्माण कार्यों की स्वीकृति    30 मार्च 2015
मूल स्वीकृति लागत    538.64 लाख रुपये
कार्य पुुनरीक्षित लागत    754.30 लाख रुपये
कार्य पूर्ण करने की तिथि    नवंबर 2017
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