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Shamli News: एक कॉल का लो सहारा, वापस मिलेगा पैसा सारा

Thu, 14 May 2026 12:43 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
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शामली। साइबर ठगी के बढ़ते मामलों के बीच गोल्डन ऑवर पीड़ितों के लिए राहत की बड़ी उम्मीद बना है। ठगी के तुरंत बाद की गई शिकायतों ने साइबर अपराधियों के मंसूबों पर पानी फेर दिया है। शामली पुलिस ने बीते दो वर्षों में गोल्डन ऑवर के दौरान मिली शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई करते हुए करीब नौ करोड़ रुपये पीड़ितों को वापस कराए हैं।
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पुलिस अधिकारियों का कहना है कि ठगी के बाद शुरुआती एक से दो घंटे सबसे महत्वपूर्ण होते हैं। इस दौरान यदि पीड़ित साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज करा देता है तो संबंधित बैंक खाते को तत्काल होल्ड कराकर रकम सुरक्षित कराई जा सकती है। इस वर्ष अब तक करीब तीन करोड़ रुपये और पिछले वर्ष छह करोड़ रुपये पीड़ितों को वापस कराए जा चुके हैं।

इन मामलों में मिली राहत

कैराना निवासी नाजिम के खाते से एक मार्च को दो लाख रुपये निकाल लिए गए थे। उन्होंने तुरंत हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने रकम होल्ड कराकर अप्रैल में पूरी धनराशि वापस दिला दी। झिंझाना निवासी शोएब को निवेश का झांसा देकर दो जनवरी को 50 हजार रुपये की ठगी का शिकार बनाया गया। समय रहते शिकायत होने पर पुलिस ने रकम वापस कराई। शामली के काजीवाड़ा निवासी समीर से कंपनी में निवेश का झांसा देकर एक लाख रुपये ठग लिए गए थे। शिकायत मिलते ही पुलिस ने खाते को होल्ड कर रकम सुरक्षित करा दी।
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20 करोड़ की ठगी, 40 फीसदी रकम वापस

जिले में पिछले दो वर्षों के दौरान करीब 20 करोड़ रुपये की साइबर ठगी हुई। इनमें से पुलिस अब तक लगभग नौ करोड़ रुपये पीड़ितों को वापस करा चुकी है। यानी करीब 40 प्रतिशत रकम वापस दिलाई जा चुकी है।



इन बातों का रखें ध्यान



पुलिस अधीक्षक नरेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि किसी भी अनजान नंबर से आए कॉल, मैसेज या लिंक पर भरोसा न करें। बैंक अधिकारी बनकर ओटीपी, एटीएम नंबर, सीवीवी या खाते की जानकारी मांगने वालों को तुरंत मना करें। सोशल मीडिया या व्हाट्सएप पर आए संदिग्ध लिंक को खोलने से पहले उसकी सत्यता जरूर जांच लें। एसपी ने कहा कि अगर ठगी हो जाए तो घबराएं नहीं और न ही देर करें। तुरंत 1930 हेल्पलाइन पर कॉल करें या राष्ट्रीय साइबर पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।
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