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जिला ओडीएफ घोषित, पर नहीं मिली खुले में शौच से मुक्ति  

Mon, 08 Oct 2018 12:03 AM IST
amarujala
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file - फोटो : amarujala
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स्वच्छ भारत मिशन के तहत जिला ओडीएफ (खुले में शौच से मुक्त) घोषित हो चुका है। हालांकि बेस लाइन सर्वे से वंचित रहने के कारण अभी भी जिले में ऐसे कई गांव हैं, जहां गरीबों के घरों में शौचालय नहीं बन सका है। ऐसे परिवार खुले में शौच जाने के लिए मजबूर हैं। वहीं, अधिकारी कहते हैं कि अब प्रदेश सरकार की तरफ से सर्वे शुरू कराया जा रहा है, जिसमें वंचित पात्रों के घरों में शौचालय का निर्माण कराया जाएगा।  
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केंद्र सरकार ने एक साल पूर्व स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण और शहरी) योजना प्रारंभ की थी। इसके तहत प्रत्येक गांव में पात्र व्यक्तियों के घरों में शौचालय का निर्माण कराया जाना था। 2011 की जनगणना के मुताबिक जिन परिवारों का चयन हुआ, उनके यहां शौचालय का निर्माण करा दिया गया था, लेकिन अब भी बड़ी संख्या में ऐसे परिवार रह गए हैं, जिनके यहां शौचालय का निर्माण नहीं हुआ है। इस वजह से ऐसे परिवार अब भी खुले में जाकर शौच करने के लिए मजबूर हो रहे हैं।  

200 शौचालय बने, लेकिन 60 परिवार वंचित  
कैराना। स्वच्छ भारत मिशन के तहत प्रत्येक गांव में शौचालय बनवाए गए थे, लेकिन कैराना तहसील क्षेत्र के गांव पंजीठ में 60 परिवारों में अब तक शौचालय नहीं है। गांव पंजीठ में वाल्मीकि मोहल्ले के पास ही कुछ मुस्लिम परिवार भी रहते हैं। उक्त मोहल्ले में काफी घरों में सरकारी सहायता से शौचालय बनाए जा चुके हैं, लेकिन कई घर ऐसे भी देखने को मिले. जिनके घरों में या तो कोई शौचालय ही नहीं है या शौचालय है तो कच्चा है। ऐसे लगभग 60 परिवार हैं, जो खुले में शौच करने जाते हैं।  
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गांव के रविंद्र के परिवार में 17 सदस्य हैं। घर में पुराना कच्चा शौचालय है। रविंद्र ने बताया कि परिवार के लोगों को खुले में शौच जाना पड़ता है। मुरसलीन के परिवार में आठ सदस्य हैं। मुरसलीन के घर में कोई शौचालय नहीं होने के कारण परिवार को खुले में शौच के लिए जाना पड़ता है। शमीम के परिवार में छह सदस्य है, शौचालय नहीं है। बबलू के परिवार में 11 सदस्य है, कच्चा शौचालय है। प्रमोद के घर में भी कोई शौचालय नहीं है। इसके अलावा सुनील, रामबीर, संजय व इंसार आदि के घरों में भी शौचालय नहीं बन पाए हैं। ग्राम प्रधान इरशाद ने बताया कि गांव में पात्र परिवारों के यहां 200 शौचालय बनवाए गए थे। गांव में कुछ घर शौचालय बनने से वंचित रह गए। अधिकारियों द्वारा सर्वे कराया जा रहा है। वंचितों के घर में शौचालय बनवाया जाएगा।  

पक्के शौचालय बनने पर खुश भी हैं लोग  
पंजीठ गांव में 200 शौचालयों का निर्माण होने पर लोगों में खुशी भी दिखाई दी। गांव के ऋषिपाल, ऊषा पत्नी सुंदर, रवि पुत्र रामपाल, रमेश, कृष्ण, रूपेश, रतना, पीतम सिंह, किरण और सन्तर आदि ने बताया कि एक साल पूर्व तक उनके घर में शौचालय नहीं था। इस कारण परिवार के लोगों को खुले में शौच करने जाना पड़ता था। स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय का निर्माण हुआ, तो खुले में शौच करके शर्मिंदा होने से निजात मिल गई है।  

  गांव मंटी हसनपुर में 30 परिवारों के यहां नहीं है शौचालय  
थानाभवन। स्वच्छ भारत मिशन के तहत गांव मंटी हसनपुर में भी 120 शौचालयों का निर्माण हुआ, लेकिन अब भी करीब 30 परिवार ऐसे हैं, जिनके यहां शौचालय नहीं है। ऐसे परिवार खुले में शौच करने जाने के लिए मजबूर हैं।  
क्षेत्र के गांव मंटी हसनपुर निवासी बबीता के परिवार में तीन बच्चे हैं और विक्रम मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करता है। छह माह पूर्व गांव में शौचालय बनाने के लिए सर्वे चल रहा था। उसी समय बबीता के मकान की छत गिर गई। इस पर मजबूरी में उन्हें छत बनवानी पड़ी, इसलिए उन्होंने उधार लेकर छत पर लिंटर डाल दिया। जैसे ही अधिकारी मौके पर सर्वे करने पहुंचे तो उन्होंने परिवार की आर्थिक हालत नहीं देखी, बल्कि मकान पर पक्का लिंटर देखकर सूची से नाम हटा दिया। इस कारण परिवार खुले में शौच करने जाने के लिए मजबूर है। इसी तरह पिंकी पत्नी जयवीर का आठ सदस्यीय परिवार भी शौचालय न बनने के कारण खुले में ही शौच करने जाता है। इस तरह के 30 परिवार गांव मन्टी मसनपुर में हैं, जिनके यहां शौचालय का निर्माण नहीं हुआ। ग्राम प्रधान रजनीश कुमार का कहना है कि गांव में 120 पात्रों के यहां शौचालय का निर्माण कराया गया था। यदि कुछ परिवार योजना का लाभ मिलने से वंचित रह गए हैं, तो शीघ्र सर्वे कराकर पात्रों के घरों में शौचालय का निर्माण कराया जाएगा। 
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