शामली। अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक ने कहा कि जाटों को आरक्षण दिलाने में भाजपा सरकार ने धोखा किया है। हरियाणा में हुए आंदोलन के दौरान हजारों निर्दोष लोगों के खिलाफ मुकदमे दर्ज कराए गए और जाटों का उत्पीड़न किया जा रहा है। आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर संघर्ष समिति की ओर से जाट संकल्प रैलियां करेगी, जिसमें भाजपा प्रत्याशियों का विरोध किया जाएगा।
मंगलवार को करनाल रोड स्थित एक प्रतिष्ठान पर अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति की बैठक हुई। पत्रकारों से बातचीत में यशपाल मलिक ने कहा कि 17 मार्च 2015 को जाट आरक्षण के संबंध में सुप्रीम कोर्ट का निर्णय आया था, जिसके बाद 26 मार्च को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने अपने आवास पर बुलाकर कहा था कि कानून बनाकर जाटों को आरक्षण दिलाया जाएगा। इसके बाद पौने दो साल बीत गए, लेकिन आरक्षण नहीं मिला, जिससे जाट समाज खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहा है। उन्होंने कहा कि इसका खामियाजा भाजपा को आगामी विधानसभा चुनाव में यूपी, उत्तराखंड और पंजाब की जाट बाहुल्य सीटों पर भुगतना पड़ेगा।
उन्होंने बताया कि हरियाणा में जाट और गैर जाट की खाई पैदा कर भाजपा सांसद और उनके कार्यकर्ताओं ने जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान हिंसा कराई। उसी तरह उत्तर प्रदेश में हिंदू, मुस्लिम दंगे कराने में भाजपा और सत्तारूढ़ दल के नेताओं की साजिश को जाट भुला नहीं सकते हैं।
इसके खिलाफ ही आंदोलन की रणनीति बनाई है और अमरोहा, आगरा तथा मेरठ की रैलियों के बाद राजा नाहर सिंह के शहादत दिवस और चौधरी छोटूराम की पुण्यतिथि की पूर्व संध्या पर आठ जनवरी को खरड़ (मुजफ्फरनगर) में जाट संकल्प रैली होगी। यूपी में विधानसभा चुनाव के दौरान हरियाणा के जाटों को बुलाकर भी रैली कराई जाएंगी, जिसमें वह केंद्र और हरियाणा सरकार द्वारा जाटों को दिए गए जख्मों के बारे में बताएंगे।
यशपाल मलिक ने बताया कि हमारा उद्देश्य जाट आरक्षण लेना है, उसी के चलते भाजपा प्रत्याशियों के खिलाफ आंदोलन होगा। इस दौरान जिलाध्यक्ष सतेंद्र चिकारा, सहारनपुर जिलाध्यक्ष चौधरी चंद्रपाल सिंह टिकरोल, सतेंद्र फौजी, बिट्टू चौधरी, अनिल, सुबोध, दुष्यंत, हरवेंद्र सिंह मुन्ना आदि रहे।