शामली। एक जिला, एक उत्पाद योजना में जनपद में उद्योग के क्षेत्र में रिम-धुरा उद्योग चयनित है, जबकि खाद्य पदार्थ के मामले में गुड़ को चुना गया है। गुड़ की इकाइयों को बढ़ावा देने, प्रदूषण आदि के मानकों को पूरा कराते हुए इनका बेहतर संचालन कराने के लिए उद्यान विभाग मदद करेगा। इसके साथ ही खाद्य प्रसंस्करण की इकाइयों की स्थापना कराने के लिए भी लोन की सुविधा मुहैया कराएगा। इकाई लगाने वालों को 35 प्रतिशत सब्सिडी पर ऋण मिलेगा।
सभी जनपदों में खाद्य पदार्थों के मामले में एक-एक उत्पादन का चयन किया गया है। मुजफ्फरनगर के साथ शामली के लिए भी गुड़ को चुना गया है। गुड़ के कोल्हुओं को एनजीटी के मानकों के अनुसार चलाने के लिए उद्यान विभाग मदद करेगा। इसके लिए रिसोर्स पर्सन की नियुक्ति की जाएगी। रिसोर्स पर्सन का काम मानकों को पूरा कराते हुए कोल्हुओं का संचालन कराने के साथ ही खाद्य प्रसंस्करण की इकाइयों को स्थापित कराने में सहायता करना होगा।
जिला उद्यान अधिकारी डॉ. हरित कुमार ने बताया कि प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (पीएमएफएमई) के अंतर्गत जिला स्तर पर सहायता प्रदान करने को उद्यान विभाग को नोडल एजेंसी बनाया है। खाद्य प्रसंस्करण जैसे अचार, मुरब्बा, जैम, जैली आदि बनाने की इकाइयों की स्थापना के लिए 10 लाख रुपये तक का ऋण दिया जाएगा।
शासन की मंशा गुड़ एवं खाद्य प्रसंस्करण के उद्योग को कुटीर उद्योग के रूप में बढ़ावा देने की है। इससे जिले के लोगों को रोजगार मिलेगा। लिए गए ऋण पर 35 प्रतिशत की सब्सिडी मिलेगी तथा इकाई लगाने वाले व्यक्ति को 10 प्रतिशत पूंजी अपने पास से लगानी होगी।