जनपद में दस जून से शुरू हुए सक्रिय टीबी रोगी खोज अभियान के अंतर्गत अब तक 134 संदिग्ध मरीजों के नमूना एकत्रित कर जांच की गई। जांच के बाद पांच टीबी रोगी मिले है। जिले में 55 टीमें अभियान में लगाई गई है। जिन्हें एक दिन में 2750 घरों का सर्वे करने का लक्ष्य दिया गया है।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिले में दस जून से 22 जून तक सक्रिय टीबी रोगी खोज अभियान चलाया जा रहा है। जिला क्षय रोग अधिकारी डाक्टर सफल कुमार ने बताया कि अभियान के लिए 55 टीमें गठित की गई है। सभी टीमों को एक दिन में 2750 घरों को कवर करने का लक्ष्य दिया गया है। उन्होंने बताया कि अभी तक इस अभियान के तहत 134 संदिग्ध मरीज मिले है। जिनकी जांच कराई गई। जांच में पांच टीबी के मरीज मिले। 22 जून तक दस कार्य दिवस में सभी टीमों को 27500 घरों का लक्ष्य तय करने के निर्देश दिए है। इस अभियान को सफल बनाने के लिए गांवों में कैंप लगाए जा रहे है। बुधवार को गांव बुटराड़ा में कैंप का आयोजन किया गया। कैंप में जिला पीपीएम शबी आजम ने ग्राम प्रधान और वार्ड सदस्यों के साथ ग्रामीणों को सक्रिय टीबी रोगी खोज अभियान के बारे में जानकारी दी। साथ ही उन्हें टीबी के लक्षणों के बारे में अवगत कराया गया। डीपीसी राहुल त्यागी ने बताया कि जांच में यदि कोई टीबी रोगी पाया जाता है। तो नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र से उसका निशुल्क इलाज कराया जायेगा। इलाज के दौरान योजना के तहत 500 रुपये सीधे मरीज के खाते में दिए जाएंगे। इस अवसर पर सुपरवाइजर टीयू रामवीर सिंह, दीपा चौहान ग्राम प्रधान शहनाज बेगम, आशा और ग्रामीण मौजूद रहे।
टीबी के संभावित लक्षण
दो हफ्ते या उससे अधिक खांसी या बलगम आना
बलगम में खून आना
लगातार वजन कम होना