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खतरनाक है कोहरे में इन पुलों से गुजरना

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मेरठ-करनाल हाईवे पर झिंझाना के पास टूटी पड़ी काठा नदी पुल की रैलिंग। - फोटो : SHAMLI
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खतरनाक है कोहरे में इन पुलों से गुजरना
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शामली। जिले से होकर गुजरने वाले प्रमुख मार्गों पर पड़ने वाले पुलों की टूटी रेलिंग हादसों का सबब बन सकती है। सर्दी के साथ बढ़ रहे कोहरे में इन पुलों से वाहनों का गुजरना बेहद खतरनाक है लेकिन जिम्मेदार अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं। आलम यह है कि स्थानीय मार्गों के अलावा नेशनल हाईवे पर पड़ने वाले महत्वपूर्ण पुलों की रेलिंग भी टूटी हुई है। इन पुलों से हर समय भारी ट्रैफिक गुजरता है।
पानीपत-खटीमा नेशनल हाईवे पर कैराना में यमुना नहर का प्रमुख पुल है। इस पुल की रेलिंग लंबे समय से टूटी हुई है। दिन-रात इस पुल से हल्के और भारी वाहनों का आवागमन रहता है, लेकिन पुल की रेलिंग ठीक नहीं कराई गई। मेरठ-करनाल हाईवे जिले का सबसे व्यस्त मार्ग है। इस मार्ग पर हर समय हरियाणा, पंजाब से आने वाले भारी वाहनों की कतारें लगी रहती हैं। इसके बावजूद झिंझाना के पास काठा नदी पुल की दोनों ओर की रेलिंग टूटी पड़ी है। इसी हाईवे पर गांव मुंडेट के पास पूर्वी यमुना नहर पुल की रेलिंग टूटी हुई है। टूटी रेलिंग से दिन-रात गुजरने वाले ट्रैफिक को हादसे का खतरा बना रहता है। शामली-गढ़ीपुख्ता मार्ग पर पड़ने वाली पूर्वी यमुना नहर की पुलिया की दोनों ओर की रेलिंग भी गायब है। इस मार्ग पर भी खूब वाहनों का आवागमन होता है। आने वाले दिनों में कोहरा बढ़ेगा और गन्ने के वाहनों का आवागमन भी खूब हो रहा है। ऐसे में टूटी रेलिंग बड़े हादसे का सबब बन सकती है।
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वर्जन
पानीपत-खटीमा हाईवे के निर्माण का काम चल रहा है। इसके अलावा जनपद में हाईवे के और भी कई मुख्य काम जारी हैं। हाईवे पर आने वाले पुुुलों की टूटी रेलिंग मुख्य काम के साथ ठीक हो जाएंगी। जो अलग हैं उन्हें ठीक करा दिया जाएगा।
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- एसके मिश्रा, प्रोजेक्ट मैनेजर, एनएचएआई बागपत इकाई।

पानीपत-खटीमा हाईवे पर कैराना में यमुना नदी पुल की टूटी पड़ी रैलिंग।- फोटो : SHAMLI

मेरठ-करनाल हाईवे पर झिंझाना के पास टूटी पड़ी काठा नदी पुल की रैलिंग।- फोटो : SHAMLI

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