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व्हाट्सएप ग्रुप पर खनन अधिकारी की दी जा रही थी लोकेशन

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- एक ट्रक के अंदर से मिले मोबाइल में बनाया गया था व्हाट्सएप ग्रुप
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- व्हाट्सएप ग्रुप में ट्रक चालकों व खनन ठेकेदारों के नंबर मौजूद
- व्हाट्सएप ग्रुप पर खनन अधिकारी की दी जा रही थी लोकेशन
- मोबाइल जब्त कर की जा रही है जांच
संवाद न्यूज एजेंसी
कैराना (शामली)। खनन क्षेत्र से ओवरलोड रेत भरकर ले जाए जा रहे 6 वाहनों को पकड़कर खनन अधिकारी ने ऑनलाइन चालान करने के साथ ही 9 वाहनों को पकड़कर सीज कर दिया। एक ट्रक के अंदर से मिले मोबाइल में व्हाट्सएप ग्रुप बना मिला। जिसमें खनन अधिकारी व पुलिस प्रशासन की पल-पल की लोकेशन दी जा रही थी। खनन अधिकारी ने जांच के लिए मोबाइल पुलिस को सौंप दिया है।
बुधवार रात करीब 11 बजे खनन अधिकारी वशिष्ठ यादव पुलिस टीम के साथ गांव नंगलाराई के पास पहुंचे। जहां पर यमुना तटबंध पर अलग-अलग खनन पट्टों से ओवरलोड भरकर लाए जा रहे 6 ट्रकों को पकड़ लिया। खनन अधिकारी के आने से पहले ही ट्रक चालक ट्रकों को मौके पर छोड़कर फरार हो गए थे। खनन अधिकारी ने बताया कि रेत से ओवरलोड भरे 6 ट्रकों के ऑनलाइन चालान किए गए हैं।
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मौके पर मिले एक ट्रक के अंदर से एक मोबाइल बरामद हुआ है। जिसमें कैराना व झिंझाना क्षेत्र के दो व्हाट्सएप ग्रुप बनाए गए हैं। ग्रुप के अंदर ट्रक चालकों व कुछ खनन ठेकेदारों के नंबर मिले हैं। मोबाइल को जांच के लिए जब्त कर लिया गया है। इसके अलावा कांधला क्षेत्र में रेत से भरे ओवरलोड 9 ट्रकों को पकड़ कर सीज किया गया है। कोतवाली प्रभारी अनिल कपरवान ने बताया कि खनन अधिकारी वशिष्ठ यादव की तहरीर पर अज्ञात ट्रक चालकों के विरुद्ध रेत चोरी व लोक संपत्ति क्षति निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। बरामद मोबाइल के व्हाट्सएप ग्रुप की जानकारी ली जा रही है।
पुलिस प्रशासन में कौन हैं मुखबिर
ओवरलोड ट्रकों के खिलाफ छापामार कार्रवाई के दौरान एक ट्रक के अंदर से मिले मोबाइल ने पुलिस प्रशासन के विभीषण को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। क्योंकि मोबाइल के भीतर मिले व्हाट्सएप ग्रुप में पुलिस प्रशासन के अधिकारियों की पल-पल की जानकारी दी जा रही थी। ऐसे में आखिर पुलिस प्रशासन के बीच ऐसा कौन कर्मचारी या अधिकारी है, जो खनन माफियाओं से जुड़ा हुआ है। अगर निष्पक्षता के साथ इस ग्रुप व अन्य नंबरों की जांच पड़ताल की जाए तो रेत खनन के ओवरलोड खेल से न केवल पर्दा उठेगा, बल्कि पुलिस प्रशासन के भेदी का भी पता चल जाएगा।
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आखिर किसकी शह पर चल रहा ओवरलोड का खेल
प्रशासन की ओर से आवंटित रेत खनन पट्टों पर एनजीटी के गाइड लाइन के सभी नियमों का पालन करना जरूरी है। वहीं देर रात खनन अधिकारी की कार्रवाई के दौरान रेत खनन पट्टों से आने वाले ओवरलोड वाहनों की पोल खुल गई। सवाल है कि प्रशासन की ओर से आवंटित रेत खनन के पट्टो पर आखिर किसकी शह पर दिन-रात ओवरलोड का खेल किया जा रहा हैं। जबकि डीएम ने सख्त आदेश दे रखें हैं कि ओवरलोड वाहन न चलाए जाएं। अगर ओवरलोड वाहनों से रेत सप्लाई किया जाता है, तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। लेकिन मानसून से एक दिन पहले खनन अधिकारी की बड़ी कार्रवाई से ओवरलोड के खेल की पोल खुल गई है।
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