शामली। आयुष मलिक धर्मांतरण प्रकरण की जांच कर रहे एएचटीयू थाने के प्रभारी जितेंद्र शर्मा का गैर जनपद स्थानांतरण हो गया। एसपी ने अब इस प्रकरण की जांच शहर कोतवाली के अपराध निरीक्षक राजेंद्र सिंह सिद्धू को सौंपी है।
शहर के दयानंदनगर निवासी दवा कारोबारी देवराज मलिक ने छह जून को शहर कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज कराई थी, जिसमें शहर निवासी चांदनी कुरैशी पर प्रेमजाल में फंसाकर अपने परिजनों की मदद से आयुष मलिक का धर्म परिवर्तन कराने का आरोप लगाया था। इस मामले में चांदनी कुरैशी व उनके पिता और तीन मौलवी समेत आठ लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज हुई थी। पुलिस ने चांदनी व उसके पिता समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया था। बाद में तीनों कोर्ट से जमानत पर रिहा हो गए थे।
इस मामले में आयुष के दोस्त मोहम्मद सलमान की तरफ से हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई, जिसमें आयुष को पिता द्वारा बंधक बनाकर रखने का आरोप लगाया था। 16 सितंबर को हाईकोर्ट ने आयुष मलिक को स्वतंत्र करने के आदेश जारी किए थे।
एसपी एनपी सिंह ने बताया इस प्रकरण की जांच एएचटीयू थाना प्रभारी जितेंद्र शर्मा कर रहे थे। उनका गैर जनपद स्थानांतरण होने पर जांच शहर कोतवाली के अपराध निरीक्षक राजेंद्र सिंह सिद्धू को सौंपी है।