शामली कनेक्शन मिलने पर खुफिया विभाग सतर्क
शामली। बिहार के दरभंगा में चार दिन पहले हुए पार्सल विस्फोट प्रकरण में शामली का कनेक्शन मिलने के बाद खुफिया विभाग सक्रिय हो गया है। जिले में इससे पहले भी कई बार खालिस्तानी कनेक्शन और पाकिस्तान से अवैध हथियारों की तस्करी के मामले में जिला चर्चाओं में रहा है।
बिहार के दरभंगा में चार दिन पहले पार्सल में विस्फोट हुआ था। बताया गया है कि पार्सल पर जो मोबाइल नंबर लिखा था, वह शामली का बताया गया है, हालांकि अभी यह पता नहीं चला कि मोबाइल नंबर किसके नाम पर हैं। इसे लेकर शामली का नाम एक बार फिर चर्चा में आ गया है। शामली का नाम जुड़ने खुफिया विभाग सक्रिय हो गया और अपने स्तर से इसकी छानबीन शुरू कर दी है।
हालांकि अधिकारियों का कहना है कि वहां से अभी उन्हें इस बारे में अधिकारिक तौर पर जानकारी नहीं दी गई है। एसपी सुकीर्ति माधव का कहना है इस तरह का मामला सुनने में आया है, लेकिन अधिकारिक तौर पर उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं मिली है। न ही इस बारे में किसी स्तर से सूचना मांगी गई है।
जिले में मिल चुका खालिस्तानी कनेक्शन
शामली। प्रतिबंधित खालिस्तानी संगठन के कनेक्शन और पाकिस्तान से अवैध हथियारों की तस्करी को लेकर जिला चर्चाओं में रहा है। 2019 में एटीएस द्वारा गांव गोगवान जलालपुर निवासी दो लोगों को पिस्टल और तमंचे के साथ पकड़ा था। एटीएस ने उस समय खालिस्तानी के मॉड्यूल को हथियार सप्लाई करने का खुलासा किया है। इससे पहले 2018 में झिंझाना थाने की चौकी चौसाना क्षेत्र में कमालपुर में सिपाही व होमगार्ड पर हमला कर उनकी रायफल लूट ली गई थी। इस मामले में पुलिस ने जिन लोगों को पकड़ा था, उनके संपर्क खालिस्तानी से होने का दावा किया था।
स्टेशन को बम से उड़ाने की धमकी का मिला था पत्र
शामली। अप्रैल 2019 में रेलवे स्टेशन मास्टर के नाम से डाक से धमकी भरा पत्र मिला था। पत्र को जम्मू-कश्मीर के आतंकी संगठन जैश ए मोहम्मद के एरिया कमांडर मैसूर अहमद के नाम से भेजा गया था। पत्र में शामली समेत वेस्ट यूपी, दिल्ली और हरियाणा के कई स्टेशनों, कई प्रमुख मंदिरों को बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी। साथ ही यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ, दिल्ली के सीएम और आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत को मारने की भी धमकी दी गई थी। यह मामला जीआरपी थाने पर दर्ज हुआ था। पुलिस की जांच के बाद भी धमकी भरा पत्र भेजने वाले का पता नहीं चल सका।