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Shamli News: साथियों की जान बचाने के लिए खुद आगे रहे इंस्पेक्टर सुनील, हुए थे बलिदानी

Fri, 02 Oct 2026 12:48 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
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इंस्पेक्टर सुनील का फाइल फोटो। पुलिस
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शामली/झिंझाना। झिंझाना क्षेत्र में 20 जनवरी 2025 को पुलिस और बदमाशों के बीच हुई मुठभेड़ में मेरठ एसटीएफ के इंस्पेक्टर सुनील कुमार ने अदभ्य साहस का परिचय दिया था। मुकीम काला गैंग के शूटर अरशद समेत चार बदमाशों को ढेर करने वाली पुलिस टीम में शामिल इंस्पेक्टर सुनील कुमार करीब 30 मिनट तक बदमाशों का सामने से मुकाबला करते रहे।
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उन्होंने अपनी टीम के सदस्यों की जान बचाने के लिए खुद को आगे रखा। मुठभेड़ में गंभीर रूप से घायल होने के बाद अस्पताल ले जाते समय उनका निधन हो गया था।
एसपी नरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि पुलिस टीम ने मुकीम काला गैंग के एक लाख रुपये के इनामी अरशद निवासी गंगोह, सोनीपत के रोहट निवासी मनजीत, करनाल के मधुबन निवासी सतीश और घरौंडा निवासी मनवीर को झिंझाना क्षेत्र में मुठभेड़ में ढेर किया था। इस कार्रवाई में इंस्पेक्टर सुनील कुमार ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
मुठभेड़ के दौरान सुनील कुमार लगातार आगे रहकर बदमाशों का मुकाबला करते रहे। करीब 30 मिनट तक चले ऑपरेशन में उन्होंने साथियों का हौसला बढ़ाते हुए मोर्चा संभाले रखा। टीम में प्रमोद, जयवीर, प्रीतम, जोशी राणा और विकास धाम भी शामिल थे।
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साथियों को हमेशा वीरता से लड़ने के लिए प्रेरित करते थे
मुठभेड़ के समय इंस्पेक्टर सुनील कुमार के साथ रहे हेड कांस्टेबल जोशी ने बताया कि सुनील हमेशा साथियों को वीरता के साथ बदमाशों का मुकाबला करने के लिए प्रेरित करते थे। मुश्किल परिस्थितियों में भी वह टीम का हौसला बढ़ाते रहते थे। झिंझाना की मुठभेड़ में भी उन्होंने खुद आगे रहकर साथियों की जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।



पीएसी में कमांडर भी रह चुके थे इंस्पेक्टर सुनील कुमार

सुनील पूर्व में पीएसी कंपनी में कमांडर भी रह चुके थे। करीब 26 वर्ष पहले पुलिस सेवा में शामिल हुए सुनील कुमार ने कई कुख्यात बदमाशों के खिलाफ हुई मुठभेड़ों में हिस्सा लिया था। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कुख्यात अनिल दुजाना समेत कई बदमाशों के खिलाफ हुई पुलिस कार्रवाई में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही थी।
एसपी नरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि इंस्पेक्टर सुनील कुमार के परिजनों का लखनऊ में सम्मानित होना पुलिस विभाग के लिए गर्व की बात है। सुनील कुमार मेरठ के मसूरी गांव के रहने वाले थे।
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