कोरोना कर्फ्यू में बंद होने लगीं औद्योगिक इकाइयां
शामली। कोरोना कर्फ्यू लगातार जारी रहने से जिले की औद्योगिक इकाई बंद रहने से मजदूूरों की रोजी-रोटी का संकट पैदा हो गया है। अकेले रिमधुरा उद्योग पर पिछले सवा माह में करोड़ों रुपये का कारोबार प्रभावित हुआ है।
जिले में रिमधुरा, रोलिंग मिल, पेपर मिल, स्टील, पीतल बर्तनों समेत लघु और बड़ी मिलाकर 300 औद्योगिक इकाइयां हैं। इनका 800-900 करोड़ रुपये प्रति माह टर्नओवर होता है। 70 प्रतिशत औद्योगिक इकाई बंद होने से हजारों मजदूरों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। रिमधुुरा औद्योगिक इकाई के स्वामी प्रविंद्र जैन ने बताया कि जिला मुख्यालय पर 30-32 रिमधुरे की औद्योगिक इकाई में करोड़ों रुपये का कारोबार होता है। मई माह के शुरुआत में कोरोना कर्फ्यू लगने से औद्योगिक इकाई बंद हैं। जिस कारण 75 प्रतिशत कारोबार प्रभावित हुआ है।
अप्रैल माह में कोरोना संक्रमण के चलते 15- 20 करोड़ रुपये प्रभावित हुआ था। मई माह में नियमित कोरोना कर्फ्यू के चलते 18 प्रतिशत जीएसटी समेत रिमधुरा उद्योग को 25 करोड़ रुपये का कारोबार प्रभावित होने की उम्मीद है। औद्योगिक इकाइयों में यहां से माल नहीं जा रहा है।
शामली इंडस्ट्रियल स्टेट मैन्यूफैक्चरिंग एसोसिएशन के अध्यक्ष अंकित गोयल ने बताया कि कोरोना लॉकडाउन से उद्योगों की कमर टूट गई है। 70 प्रतिशत औद्योगिक इकाइयां बंद पड़ी है। मारुति पेपर मिल के स्वामी राजेश्वर बंसल का कहना है कि पेपर उद्योग पर कोरोना कर्फ्यू का असर शुरू हो गया है। औद्योगिक इकाइयों में 20-25 प्रतिशत मजदूर नहीं आ रहे हैं। माल का उठान न होने और भुगतान की परेशानी उद्यमियों को झेलनी पड़ रही है।