शामली। जिले में तीन दिन पहले हुई बारिश ने मानसून की दस्तक दे दी है। बारिश के मौसम में संचारी रोग फैलने का खतरा रहता है। इस मौसम में लापरवाही बीमार कर सकती है। इसलिए लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है।
जिले में तीन दिन पहले हुई बारिश के बाद से मानसूनी बारिश शुरू होने की संभावना बन गई है। बारिश के मौसम में संचारी रोग मलेरिया, डेंगू, दिमागी बुखार, स्वाइन फ्लू, कालाजार, फाइलेरिया आदि होने का खतरा रहता है। हालांकि जिले में कालाजार व फाइलेरिया का पूर्व में भी कोई केस सामने नहीं आया है। इस मौसम में लोगों को सफाई रखनी चाहिए और घर के आसपास जलभराव व मच्छर पनपने से रोकने व काटने से बचाव के इंतजाम करने चाहिए। जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. विनय कुमार ने बताया कि बारिश के मौसम में लोगों को सतर्क रहना चाहिए।
घर में व आसपास सफाई रखें और बारिश का पानी को जमा न होने दे। अगर कहीं पर पानी इकट्ठा होता है तो उसमें जला हुआ मोबिल ऑयल या कीटनाशक दवा का छिड़काव करें। अगर किसी को बुखार या अन्य काई समस्या आती है तो चिकित्सक की सलाह से जांच कर उपचार कराना चाहिए।
- 11 विभाग मिलकर करेंगे संचारी रोगों पर नियंत्रण
शामली। संचारी रोगों की रोकथाम व नियंत्रण के लिए स्वास्थ्य समेत 11 विभाग संयुक्त रूप से कार्य करेंगे। इस दौरान लोगों को बीमारियों के बारे में जानकारी देते हुए उनके बचाव के लिए जागरूक करने के साथ साफ-सफाई व कीटनाशक दवाओं का छिड़काव कराया जाएगा।
शासन के निर्देश पर जिले में एक जुलाई से विशेष संचारी रोग नियंत्रण माह चलाया जाएगा। इस अभियान के लिए स्वास्थ्य विभाग को नोडल बनाया गया है। स्वास्थ्य विभाग के साथ अन्य दस विभाग कृषि, नगर विकास, पंचायत राज, बेसिक शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा, सिंचाई, जिला कार्यक्रम, पशु चिकित्सालय आदि विभाग भी मिलकर कार्य करेंगे।
इस दौरान सभी विभाग लोगों केा बीमारियों से बचाव के लिए जागरूक करने के साथ साफ-सफाई का कार्य करेंगे। शिक्षा विभाग स्कूल-कॉलेजों में विभिन्न प्रतियोगिताओं व अन्य कार्यक्रमों के माध्यम से बच्चों को बीमारियों से बचाव के लिए जागरूक करेंगे।
जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. विनय कुमार ने बताया सभी 11 विभाग मिलकर संचारी रोग नियंत्रण माह में संयुक्त रूप से कार्य करेंगे। सभी विभागों को उनके दायित्वों से अवगत करा दिया गया है। इसी माह में 17 जून से दस्तक अभियान भी चलाया जाएगा। इसमें आंगनबाड़ी घर-घर जाकर मरीजों के बारे में जानकारी लेंगी और उनकी सूची तैयार कर स्वास्थ्य विभाग को सौंपेगी, ताकि उनका समय पर उपचार कराया जा सके।
ये बरतें सावधानियां: - अपने घर व आसपास साफ-सफाई रखें।
- घर के आसपास गड्ढे व अन्य स्थानों पर जलभराव न होने दें।
- जलभराव रोकने को गड्ढों को मिट्टी से भरें।
- नालियों में सप्ताह में दो बार जला हुआ मोबिल ऑयल, मिट्टी का तेल या कीटनाशक का छिड़काव करें।
- शरीर को ज्यादा ढकने वाले कपड़े पहनें।
- चिकित्सक की सलाह से जांच व उपचार कराएं।