शामली। भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि विदेशों से चीनी का आयात हो रहा है, जिससे देश के किसानों को भारी नुकसान है। केंद्र सरकार को चीनी आयात पर रोक लगानी चाहिए। वहीं, बिजली की बढ़ती दरों ने किसानों कम कमर तोड़ रखी है, इसके मूल्य में कमी की जानी चाहिए।
शुक्रवार को शामली में माजरा रोड स्थित चौधरी चरण सिंह बारात घर में आयोजित भाकियू की मंडलीय समीक्षा बैठक में राकेश टिकैत ने कार्यकर्ताओं से संगठन को गांव, ब्लाक, तहसील और जिला स्तर पर मजबूती प्रदान करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि चीनी का आयात बढ़ने की वजह से देश के गन्ना किसानों को बड़ा नुकसान है।
वहीं, फसल बीमा योजना के नाम पर किसानों के खाते से काटा गया प्रीमियम वापस किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने ऋण माफी करके अच्छा किया, लेकिन इसका लाभ सभी किसानों को मिलना चाहिए। सिर्फ उन्हें ही लाभ देना उचित नहीं है, जो ऋण अदा नहीं कर रहे थे। जिन किसानों ने ऋण जमा कराने में रुचि दिखाई, उनके ऋण भी माफ किए जाने चाहिए।
इस दौरान कानपुर में तीन माह पूर्व भूमि अधिग्रहण के मामले में हमीरपुर के भाकियू जिलाध्यक्ष सहित अन्य पदाधिकारियों की गिरफ्तारी पर रोष जताया गया और उन्हें तत्काल रिहा कराने की मांग की गई। चेतावनी दी गई कि यदि 20 दिन के भीतर भाकियू कार्यकर्ताओं को रिहा नहीं किया गया तो जिला मुख्यालय और पुलिस अधीक्षक कार्यालयों पर घेराव प्रदर्शन किए जाएंगे।
भाकियू के सहारनपुर मंडल अध्यक्ष ओमपाल सिंह मलिक ने कहा कि बिजली की दरों में बेतहाशा वृद्धि हो रही है, जिससे एक बार फिर 1987 में हुए खेड़ीकरमू आंदोलन जैसी स्थिति पैदा हो रही है। बिजली के बिल किसानों पर बहुत भारी हैं, क्योंकि फसलों का वाजिब दाम नहीं मिल पा रहा है। यदि बिजली दरें कम नहीं की गई तो भाकियू को आंदोलन करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।
बैठक की अध्यक्षता बतीसा खाप के चौधरी सूरजमल ने की। इस दौरान दौरान राष्ट्रीय उपाध्यक्ष विनय कुमार, गठवाला खाप के थांबेदार चौधरी श्याम सिंह, सहारनपुर जिलाध्यक्ष चरण सिंह, मुजफ्फरनगर जिलाध्यक्ष राजू अहलावत, शामली जिलाध्यक्ष जावेद तोमर, सर्वखाप मंत्री सुभाष बालियान, नवीन राठी, युवा मंडल अध्यक्ष धीरज लाटियान, पप्पू मलिक, मास्टर जाहिद, कुशलपाल शर्मा, प्रकाश सिंह सहित सैकड़ों लोग मौजूद रहे।