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प्रभारी समेत स्टाफ मिला गैरहाजिर

Wed, 01 Jun 2016 12:18 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शामली।
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inspection - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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शामली। पल्स पोलियो अभियान के प्रति ऊन के डाक्टरों की गंभीरता की पोल औचक निरीक्षण में खुल गई। लगातार दो दिन हुए औचक निरीक्षण में ऊन अस्पताल में प्रभारी समेत स्टाफ नदारद मिला। अधिकारियों ने निरीक्षण की रिपोर्ट सीएमओ और डीएम को भेजी है।  
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  मंगलवार को जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. सफल कुमार ने सीएचसी ऊन का सुबह साढ़े छह बजे निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान प्रभारी अस्पताल डॉ. प्रवीण कुमार, प्रतिरक्षण अधिकारी सुनील मिश्रा अनुपस्थित मिले। डॉ. सफल के अनुसार वहां पर वार्डबॉय सोमपाल एवं तेजवीर एलटी के द्वारा उपचार किया जा रहा था।   एफएम नीरज द्वारा बताया गया कि वैक्सीन वितरण वाहन द्वारा गंदे वेक्सीन कॅरियर में 320 वाटरी आईस पैक क्षेत्र में भेज दिए गए हैं। निरीक्षण में डीप फ्रीजर्स में में कोई आईस पैक नहीं मिला। 
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  निरीक्षण में वैक्सीन वितरण संबंधी कोई भी रिकार्ड कोल्ड चेन में नहीं मिला। इसके अलावा पता लगा कि डॉ. प्रवीण कुमार सहारनपुर में निवास करते हैं और प्रतिरक्षण अधिकारी सुनील मिश्रा मुख्यालय पर निवास नहीं करते। 
  आरबीएसके टीम भी मिली नदारद
ऊन चिकित्सालय में निरीक्षण के दौरान आरबीएसके टीम के डॉ. विकास, स्टाफ नर्स प्रीति, स्टाफ नर्स ज्योति, रमनजीत कौर, अल्का शर्मा 30, 31 मई को अनुपस्थित मिले। डॉ. प्रवीण भी 9:15 बजे अस्पताल में पहुंचे, जबकि अन्य कर्मचारी उस समय तक भी अस्पताल में नहीं पहुंचे थे। डॉ. सफल कुमार ने कहा कि निरीक्षण में घोर लापरवाही मिली है, इस संबंध में कार्रवाई के लिए सीएमओ और डीएम को रिपोर्ट भेजी गई है।
 
  अस्पताल स्टाफ से मांगा स्पष्टीकरण शामली। डाक्टरों की लापरवाही के हुई नवजात की मौत के मामले से सरकारी अस्पताल में हड़कंप मच गया। मामले को गंभीरता से लेते हुए स्थानीय अस्पताल प्रबंधन ने संबंधित डाक्टरों से स्पष्टीकरण मांग कर जवाब-तलब किया है।
  सरकारी अस्पताल में सोमवार को सामान्य डिलीवरी के बाद नवजात को प्राइवेट अस्पताल में भेजने के लिए विवश करना और इसी दौरान उसकी मौत हो जाने का मामला अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था। खबर छपते ही अस्पताल में हड़कंप मच गया। 
मंगलवार को ड्यूटी पर तैनात स्टाफ भी इस मामले में अपनी-अपनी सफाई देने में लगा रहा।  स्टाफ पूरे मामले को गोलमोल घूमाकर अपनी गलती छुपाने की कोशिश करता रहा।   उधर अस्पताल प्रभारी डॉ. जगमोहन ने ड्यूटी पर तैनात स्टाफ से मामले में स्पष्टीकरण तलब करते हुए जवाबदेही मांगी है। बताया कि मामला वाकई गंभीर है। इस तरह का कृत्य नहीं होना चाहिए। इस मामले में सभी से स्पष्टीकरण नोटिस मांगा जा रहा है। 
  डीएम से करेंगे परिजन शिकायत 
मृतक नवजात के पिता मोहित का कहना है कि उसके पहली लड़की है। अब यह लड़का पैदा हुआ था, जो बच नहीं सका। उनका तो कुल का चिराग बुझ गया। नवजात की मां का भी रो-रो का बुरा हाल है। कहा कि डॉक्टरों की लापरवाही की शिकायत डीएम से की जाएगी। मांग करेंगे कि जो उनके साथ हुआ ऐसा किसी अन्य के साथ न हो।
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