शामली में श्रीराम कथा के शुभारंभ पर कलश यात्रा में शामिला श्रद्धालु। संवाद
शामली। संत प्रवर विजय कौशल महाराज ने कहा कि इस कलिकाल में भगवान की प्राप्ति केवल कथा से ही संभव है। इसका सबसे बड़ा उदाहरण विभीषण है, जिन्हें हनुमान जी के मुख से राम कथा सुनने के बाद भगवान राम की शरणागति प्राप्त हुई।
बुधवार को कैराना रोड स्थित जेजे फार्म में आठ दिवसीय श्री राम कथा शुरू हुई। प्रथम दिन संत विजय कौशल महाराज ने राम कथा का महत्व तथा सती के संशय प्रसंग का दर्शन कराया। उन्होंने कहा कि श्रीराम कथा हनुमान जी के कारण ही सुनने को मिलती है। जब हनुमान जी की इच्छा होती है तो राम कथा की सब व्यवस्थाएं स्वयं हो जाती है।
राम कथा की महिमा का वर्णन करते हुए उन्होंने कहा कि भगवान की कथा सोए हुए सुख को जगाती है और छाए हुए दुख को भगाती है। अशोक वाटिका में जैसे ही हनुमान जी ने माता सीता को राम कथा सुनाई तो तुरंत उनका शोक दूर हो गया। राम कथा जीवन की व्यथा को दूर करती है। राम की कथा ही केवल कथा है बाकी सब व्यथा है।
विजय कौशल महाराज ने कहा कि राम कथा कीर्तन से जीव पवित्र होती है और कथा श्रवण से कान पवित्र होते हैं। कथा के मुख्य यजमान अखिल बंसल-सारिका बंसल तथा यजमान के रूप में नरेश चंद्र, मनोज कुमार, सुभाषचंद्र, मूलचंद, कथा के संयोजक राजेश्वर बंसल, रॉबिन गर्ग, डॉ. अनुराग शर्मा, प्रदीप मंगल आदि मौजूद रहे। कथा से पूर्व कलश यात्रा भी निकाली गई।
-
शामली में श्रीराम कथा के शुभारंभ पर कलश यात्रा में शामिला श्रद्धालु। संवाद