शामली। प्रदूषण पर लगाम कसने के उद्देश्य से एक अक्तूबर से लागू हुई नो वैलिड पीयूसीसी, नो फ्यूल (प्रदूषण प्रमाणपत्र नहीं, तो ईंधन नहीं) व्यवस्था का पहले ही दिन जिलेभर में मिला-जुला असर देखने को मिला।
शहर से लेकर देहात तक के पेट्रोल पंपों पर कहीं भारी मुस्तैदी दिखी, तो कहीं बेफिक्री का आलम रहा। कहीं बिना प्रमाणपत्र एक बूंद तेल नहीं दिया गया, तो कई जगह वाहन चालकों ने बेफिक्र होकर फ्यूल लिया और कर्मचारियों ने भी आदेश को भुला दिया।
पीयूसीसी जांचने के बाद दिया फ्यूल
बाबरी स्थित कृष्णा फिलिंग स्टेशन, झिंझाना के ऊन रोड पर एसआर कंपनी, मेरठ-करनाल हाईवे के पंप, सिंगरा पेट्रोल पंप और कादरगढ़ के ओम फिलिंग स्टेशन पर नियम का कड़ाई से पालन हुआ। दोपहिया और चार पहिया वाहनों की पीयूसीसी जांचने के बाद ही नोजल चालू किया गया।
‘हमें तो पता ही नहीं
शामली के मुजफ्फरनगर रोड स्थित पेट्रोल पंप और जलालाबाद के रमा पेट्रोल पंप पर बिना किसी जांच के तेल दिया गया। रमा पेट्रोल पंप के मैनेजर अकबर खान समेत अन्य कर्मचारियों का कहना था कि उन्हें अभी तेल कंपनियों या उच्च अधिकारियों से कोई लिखित आदेश नहीं मिला है। निर्देश आते ही नियम लागू करेंगे।
एप ठप पड़ा तो उपजा विवाद
नई व्यवस्था के पहले ही दिन सर्वर और एप ने ऐन वक्त पर गच्चा दे दिया। सुबह के समय कई पंपों पर वाहन स्वामियों के पीयूसीसी ऑनलाइन जांचने वाला एप बंद हो गया, जिससे वाहन चालकों और कर्मचारियों में कहासुनी की नौबत आ गई। हालांकि, दोपहर बाद एप सही तरीके से चलने लगा और व्यवस्था सुचारू हो गई।
शासन के निर्देशों का हर हाल में पालन कराया जाएगा। जिन पेट्रोल पंपों पर एप बंद होने से समस्या आई थी, उसे ठीक करा दिया गया है। जो पंप संचालक आदेश की अनदेखी कर बिना पीयूसीसी जांच के तेल बेचेंगे, उनके खिलाफ प्रशासनिक स्तर पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
— अंकुर यादव, जिला पूर्ति अधिकारी, शामली
लाइव...शामली के पेट्रोप पंप पर लगी वाहन चालकों की भीड़। संवाद