शामली । थानाभवन विधानसभा सीट पर 2012 के चुनाव में कांटे का मुकाबला हुआ था। कभी भाजपा का कमल महकने लगता, तो कभी रालोद का हैंडपंप धड़ाधड़ वोट उगलकर आगे निकला। वहीं, बसपा का हाथी भी इन दोनों के बीच अपनी रफ्तार बनाए हुआ था। 18 वें चरण में पहुंचने पर जब भाजपा के कमल ने 4097 वोटों की लीड ली, तो वह जीत का टर्निंग प्वाइंट बना। अंतिम 21 वें चरण में जीत कमल की हुई और सुरेश राणा विधायक बने थे।
दरअसल, 2012 के विधानसभा चुनाव में थानाभवन सीट पर भाजपा से सुरेश राणा, रालोद से अशरफ अली खान, बसपा से अब्दुल वारिस और सपा के टिकट पर किरणपाल कश्यप ने चुनाव लड़ा था। सपा प्रत्याशी किरणपाल कश्यप कमजोर साबित हुए थे और 21 वें अंतिम चरण तक उनकी वोटों की संख्या 10198 तक ही सिमट कर रह गई थी। वहीं, शुरुआती तीन चरण में भाजपा ने 8783 वोट पाकर बढ़त बनाई, तो बसपा 7841 वोट पाकर दूसरे नंबर पर रही थी।
चौथे चरण में रालोद ने बसपा को पछाड़ा और 11860 वोट पाकर दूसरे नंबर पर पहुंच गई थी। यहां से 8 वें चरण तक रालोद के हैंडपंप से खूब वोट निकलीं और भाजपा को पीछे धकेलते हुए 584 वोटों की बढ़त बना ली थी।
हालांकि 9 वें चरण में भाजपा का कमल फिर से चमका और 1319 वोटों की बढ़त बनाई। यहां से 13 वें चरण तक भाजपा लगातार बढ़ बनाती रही, मगर 14 वें चरण में भाजपा प्रत्याशी 488 वोटों से रालोद प्रत्याशी से पीछे रह गया। 17 वें चरण तक रालोद प्रत्याशी आगे रहा, लेकिन उसके बाद 18 वें चरण में ही भाजपा ने 4097 वोटों की लीड लेकर अपनी जीत का मार्ग प्रशस्त कर दिया। 21 वें चरण में आते आते भाजपा प्रत्याशी को 53719, रालोद को 53454, बसपा को 50001 और सपा प्रत्याशी को 10198 वोट मिले।
इस तरह भाजपा प्रत्याशी ने कांटे के मुकाबले में रालोद प्रत्याशी को 265 वोट से हराकर जीत का स्वाद चखा। फरवरी में फैसला हो जाएगा कि थानाभवन विधानसभा सीट पर चुनाव में जनता क्या फैसला लेती है।
चुनावी मुकाबले में भाजपा से सुरेश राणा ही थानाभवन सीट पर प्रत्याशी होंगे, चूंकि वह मौजूदा विधायक भी हैं। वहीं, बसपा ने अब्दुल वारिस को प्रत्याशी बनाया हुआ है, तो पिछले चुनाव में रालोद के टिकट पर चुनाव लड़ने वाले अशरफ अली इस बार बसपा खेमे में आ चुके हैं। सपा ने इस बार भी किरणपाल कश्यप को थानाभवन से प्रत्याशी घोषित किया हुआ है।