कई साल पहले इकबाल काना गैंग से जुड़ गया था इमरान का पिता
एसटीएफ के सूत्रों के अनुसार, पकड़े गए आरोपी इमरान का पिता महबूब करीब चालीस साल पहले नकली नोटों के मामले में पकड़ा गया था। पूछताछ में पता चला था कि वह इकबाल काना गैंग का सदस्य था तथा पाकिस्तान से भी नकली नोटों को भारत के विभिन्न हिस्सों में भेजता है। हालांकि, बाद में महबूब की मौत हो गई थी। वर्ष 2008 में इमरान को भी पुलिस ने नकली नोटों के मामले में पकड़ा था। माना जा रहा है कि इमरान भी इकबाल काना गैंग से जुड़ा हो सकता है। अभी इस संबंध में एसटीएफ जांच कर रही है।
पंजाब गैंग से जुड़े हैं इमरान के परिवार के सदस्य, एक चचेरा भाई हथियारों की सप्लाई में पाकिस्तान की जेल में काट रहा सजा
एसटीएफ के अनुसार, इमरान का चचेरा भाई कलीम हथियारों की सप्लाई करता था। जांच में सामने आया है कि पिछले साल ही उसे बाघा बार्डर पर हथियारों के साथ पकड़ लिया गया था। अब वह पाकिस्तान की किसी जेल में सजा काट रहा है। इसके अलावा इमरान का भाई हथियारों की सप्लाई के मामले में पूर्व में जेल जा चुका है और वर्तमान में छूटा हुआ है। इसके अलावा इमरान का एक और चचेरा भाई पंजाब में हथियारों की तस्करी करने वाले गिरोह से जुड़ा है। पंजाब पुलिस ने उसे वांछित घोषित किया है। पंजाब पुलिस उसको तलाश कर रही है मगर अभी तक नहीं पकड़ सकी है।
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कम पढ़ा लिखा होने के बावजूद एक्सपर्ट है इमरान, कई प्रदेशों में करता है नोटों को सप्लाई
एसटीएफ के एएसपी बृजेश कुमार ने बताया कि पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी इमरान अधिक पढ़ा लिखा नहीं है। मगर उसे टेक्नालॉजी का पूरा ज्ञान है। सोशल मीडिया से लेकर अन्य जानकारी भी रखता है। कई अन्य प्रदेशों में भी नकली नोटों को सप्लाई करने की बात कहीं जा रही है। हालांकि, पूछताछ के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा। अभी तक की जांच में सामने आया है कि इमरान कहीं से छपे हुए नकली नोट लाकर खपा रहा था। पूछताछ में गिरोह के अन्य सदस्यों के बारे में भी जानकारी हासिल हो सकती है।
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