शामली। कोलकाता के मेडिकल कॉलेज में हुई घटना को लेकर इंडियन मेडिकल एसोसिएशन से जुड़े करीब 65 चिकित्सकों ने 24 घंटे की हड़ताल शुरू कर दी। चिकित्सकों ने मिल रोड स्थित जैन पार्क में चार घंटे धरना देकर विरोध प्रदर्शन किया। साथ ही कलक्ट्रेट पहुंचकर प्रधानमंत्री के नाम एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर न्याय की मांग की।
उधर, जिला अस्पताल में भी चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों ने हाथ में काला फीता बांधकर मरीजों की जांच की। साथ ही सांकेतिक रूप से धरना दिया। इस दौरान करीब एक घंटे तक चिकित्सा सेवाएं बाधित रहने से मरीज परेशान रहे। इस दौरान जहां मरीज परेशान रहे। वहीं कुछ मरीज बिना इलाज के ही वापस चले गए।
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन शामली ने कोलकाता की घटना के विरोध में शनिवार सुबह छह बजे से रविवार सुबह छह बजे तक 24 घंटे तक की हड़ताल शुरू कर दी है। इस दौरान चिकित्सकों ने ओपीडी, जांच सेवाएं और ऑपरेशन बंद रखे। केवल इमरजेंसी में मरीजों को उपचार दिया गया। निजी चिकित्सकों ने मिल रोड स्थित जैन पार्क में सुबह दस बजे से दोपहर दो बजे तक धरना दिया। इस दौरान आईएमए के अध्यक्ष डॉ. अरुण कुमार रॉय, सचिव डॉ. सलीम जावेद, डॉ़ वेदभानू मलिक, डॉ. खुर्शीद अनवर, डॉ. रजनीश बहल, डॉ. सुनील माहेश्वरी आदि ने कलक्ट्रेट पहुंचकर एसडीएम को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम ज्ञापन दिया। ज्ञापन में चिकित्सकों ने कोलकता प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर न्याय की मांग की। चिकित्सकों की हड़ताल के चलते मरीज परेशान रहे।
उधर, जिला अस्पताल में भी चिकित्सकों, फार्मासिस्टाें और स्वास्थ्य कर्मियों ने अपने हाथ में काला फीता बांधकर चिकित्सीय कार्य किया। इसके साथ ही सुबह दस बजे अस्पताल में सांकेतिक धरना देकर कोलकाता की घटना के विरोध में प्रदर्शन किया। इस दौरान करीब एक घंटे तक चिकित्सा सेवाएं बाधित रहीं। इस दौरान अस्पताल में चिकित्सकों की हड़ताल की जानकारी मिलने पर कुछ मरीज बिना इलाज के ही वापस चले गए।
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चिकित्सकों की कुर्सी खाली, मरीजों की रही भीड़
आईएमए की हड़ताल के चलते मरीजों की जिला अस्पताल में भीड़ रही, लेकिन दोपहर एक बजे से पहले ही कई चिकित्सक ओपीडी से चले गए। ओपीडी में बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अशोक कुमार, सर्जन डॉ. नरेश सैनी, दंत चिकित्सक नीरज कुमार, हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. रामनिवास व डॉ. राघव अग्रवाल आदि ही मौजूद रहे। अस्पताल में भीड़ को देखते हुए मरीजों की संख्या करीब 1200 के आसपास रही, लेकिन नए पर्चे सिर्फ 600 के आसपास ही बन पाए। जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. किशोर कुमार आहूजा ने बताया कि डॉ. शबीब अवकाश पर चल रहे हैं। अन्य सभी चिकित्सकों ने ओपीडी में रहकर मरीजों की जांच की। सभी मरीजों को उपचार दिया गया। चिकित्सकों व स्वास्थ्य कर्मियों ने कोलकाता प्रकरण को लेकर सांकेतिक रूप से धरना प्रदर्शन किया।
ये बोले मरीज
पानीपत के नवादा से आए सद्दाम ने बताया कि उसकी मां का निजी चिकित्सक के यहां उपचार चल रहा है। यहां आकर चिकित्सकों की हड़ताल होने की जानकारी मिली, जिस कारण उन्हें बिना दवा के वापस जाना पड़ रहा है।
कैराना निवासी इस्लाम ने बताया कि उसे सांस लेने में दिक्कत है। तीन दिन की दवा देकर शनिवार को बुलाया था, लेकिन हड़ताल के कारण उसे दवा नहीं मिली।
राहुल ने बताया कि वह सुबह साढ़े नौ बजे जिला अस्पताल आया था। इसके बाद चिकित्सक धरने पर बैठ गए। वह दो घंटे से चिकित्सक का इंतजार कर रहा है।