शामली। जिला अस्पताल में दस दिन पहले शुरू हुई हेपेटाइटिस बी व सी के वायरल लोड की जांच के लिए मरीजों को 20 दिन बाद की तारीख दी जा रही है। इसकी वजह यह है कि हेपेटाइटिस की जांच ट्रू नेट मशीन से की जा रही है। इससे एक दिन में 10 से 12 सैंपलों की ही जांच हो पाती है। समय पर जांच न होने से दूर दराज से आने वाले मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
हेपेटाइटिस बी व सी के मरीजों के वायरल लोड की जांच की सुविधा शामली में उपलब्ध नहीं थी। जिले के मरीजों के सैंपल लेने के लिए सीएचसी शामली में हर महीने की दस व 25 तारीख को कैंप लगाया जाता था। इन सैंपलों को जांच के लिए सहारनपुर भेजा जाता था। 11 सितंबर को जिला अस्पताल में ट्रू नेट मशीन से हेपेटाइटिस बी व सी की निशुल्क जांच की सुविधा शुरू की गई। इसके बाद से हेपेटाइटिस के मरीज रोजाना वायरल लोड की जांच कराने के लिए जिला अस्पताल पहुंच रहे हैं, लेकिन मरीजों के सामने समस्या यह आ रही कि उनका सैंपल लेने के लिए 20 दिन बाद की तारीख दी जा रही है।
बृहस्पतिवार को जांच कराने आए मरीजों को दस अक्तूबर की तारीख देकर सैंपल देने के लिए बुलाया गया है। मरीज को 20 दिन का इंतजार करना पड़ेगा या फिर उसे प्राइवेट में महंगा शुल्क देकर जांच करानी पड़ेगी।
जिला अस्पताल की सीएमएस डॉ. अंजू जोधा का कहना है कि ट्रू नेट मशीन से एक सैंपल की जांच में एक से डेढ़ घंटे का समय लगता है। एक दिन में अधिकतम 12 सैंपल की जांच हो पाती है। इस वजह से मरीजों को आगे की तारीख दी जा रही है।
- जिले में हेपेटाइटिस के 600 से ज्यादा मरीज
शामली। जिले में हेपेटाइटिस के मरीजों की संख्या 600 से ज्यादा हैं। इनमें हेपेटाइटिस सी के 525 से ज्यादा है। बाकी हेपेटाइटिस बी के मरीज हैं। हर महीने 250 के लगभग नए मरीज सामने आ रहे हैं। अधिकतर मरीज कैराना और कांधला ब्लाॅक में हैं। हेपेटाइटिस के वायरल लोड की जांच रिपोर्ट के आधार पर ही मरीज का सही उपचार शुरू हो पाता है।
- एक सप्ताह से हेपेटाइटिस सी की दवा खत्म
जिला अस्पताल में हेपेेटाइटिस सी के मरीजों की दवा एक सप्ताह से खत्म है। मरीज दवा लेने आते हैं, लेकिन उन्हें दवा खत्म होना बताकर वापस भेजा रहा है। दवा न मिलने से मरीजों का इलाज बीच में ही बंद हो रहा है। जिला अस्पताल की सीएमएस डॉ. अंजू जोधा का कहना है कि दवा के लिए सीएमओ और लखनऊ निदेशालय को मांग पत्र भेजा गया है। वहां से दवा मिलते ही मरीजों को उपलब्ध कराई जाएगी।
- ये बोले मरीज :
- नीरज कुमार ने बताया कि उसका गांव करीब दस किलोमीटर दूर है। वह हेपेटाइटिस के वायरल लोड की जांच कराने आया था। उसे सैंपल देने के लिए अगले महीने दस अक्तूबर को बुलाया है।
- इमरान ने बताया कि उसे चिकित्सक ने हेपेटाइटिस के वायरल लोड की जांच कराने के लिए कहा है। वह जिला अस्पताल में आया तो उसे 10 अक्तूबर की तारीख दी गई है। जब तक जांच नहीं होगी तब तक उसका इलाज शुरू नहीं हो सकेगा।
- अंजुम ने बताया उसे पता चला कि जिला अस्पताल में हेपेटाइटिस के वायरल लोड की जांच हो रही है। बृहस्पतिवार को वह अस्पताल आई तो उसे सैंपल देने के लिए दस अक्तूबर को बुलाया है।