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Shamli News: धोखा हो जाए तो उपभोक्ता फोरम जाएं

Thu, 30 Nov 2023 12:27 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
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शामली। लोगों के साथ धोखाधड़ी करने वाले दुकानदार, कंपनी के मालिकों पर शिकंजा कसने में जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग अहम भूमिका निभा रहा है। यही कारण है कि आयोग पर लोगों का विश्वास भी बढ़ रहा है। आयोग में परिवाद दायर करने वालों की संख्या में तेजी से इजाफा हो रहा है। पिछले पांच साल की बात की जाए तो आयोग में 441 पीड़ितों ने परिवाद दायर किए, जिनमें से 300 से अधिक मामलों में आयोग ने फैसला सुनाकर पीड़ितों को इंसाफ दिलाया है। आयोग द्वारा पीड़ितों को इंसाफ दिलाने के मामलों की बानगी
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केस-1
थानाभावन निवासी बिजन सिंह ने कस्बे के ही दुकानदार प्रमोद से अंबुजा सीमेंट के 100 कट्टे खरीदे थे। मकान भी तैयार करा दिया गया। लिंटर खुलने के 15 दिन बाद ही मकान गिर गया। पीड़ित ने फोरम का दरवाजा खटखटाया। आयोग ने सुनवाई के बाद दुकानदार प्रमोद को दोषी मानते हुए तीन लाख रुपये जबकि गुजरात की अंबुजा सीमेंट कंपनी पर ढाई लाख का जुर्माना लगाया गया।
केस-2
शामली निवासी बाला गुप्ता ने कलकत्ता से शामली के लिए एक्सप्रेस में पति और बेटे के साथ रिजर्वेशन कराया। मगर बाला गुप्ता को ट्रेन में सीट नहीं मिल सकी। टीटीई ने रिजर्वेशन के बावजूद सीट दिलाने से इनकार कर दिया। पीड़ित ने आयोग का दरवाजा खटखटाया। आयोग ने मामले में सुनवाई करते हुए टीटीई और रेलवे के डीआरएम कलकत्ता डिवीजन पर 50-50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया।
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केस- 3
आदमपुर गांव निवासी सतेेंद्र कुमार मोबाइल फोन खरीदने के कुछ दिन बाद छ समय बाद ही खराब हो गया। फोरम ने मामले की सुनवाई करते हुए आदेश दिया कि पीड़ित को उसी रेंज का नया मोबाइल फोन या खरीदे गए फोन की कीमत लौटाई जाए। इसके अलावा वाद व्यय दो हजार रुपये और मानसिक क्षति पूर्ति के तीन हजार रुपये सहित कुल पांच हजार रुपये देने के आदेश दिए।
मात्र एक प्रार्थना पत्र दो, उसी से शुरू हो जाएगी सुनवाई
जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग के अध्यक्ष हेमंत कुमार गुप्ता ने बताया कि फोरम में अपना परिवाद दायर करने के लिए अधिक भटकने की जरूरत नहीं है। महज एक प्रार्थना पत्र के आधार पर परिवाद दायर हो जाता है।
जानिए.. कौन लोग कर सकते हैं परिवाद दायर
एक ऐसा लेनदेन या सेवा जिसमें धन का आदान और प्रदान हुआ है उससे संबंधित किसी भी शिकायत की सुनवाई उपभोक्ता फोरम में हो सकती है। इसके दायरे में सरकारी प्रतिष्ठानों जैसे टेलीफोन, विद्युत, डाक, इंश्योरेंस, मेडिकल आदि की सेवाएं भी आती है।
सुनवाई का अधिकार
जिला उपभोक्ता फोरम में एक लाख रुपये से लेकर 20 लाख रुपये तक के परिवादों की सुनवाई की जाती है।
फोरम की संरचना
अध्यक्ष-जिला न्यायाधीश स्तर के सेवानिवृत्त अधिकारी और दो समाजसेवी सदस्य के रूप में शामिल होते हैं। इनमें से एक का महिला होना जरूरी होता हैं।
फोरम के दंडाधिकार
जिला उपभोक्ता फोरम दोषी पाए जाने पर आरोपी को अधिकतम तीन साल की जेल, अर्थदंड और जरूरत पड़ने पर वारंट जारी कर सकता है।

पिछले कुछ समय से फोरम पर उपभोक्ताओं का विश्वास बढ़ा है। यही कारण है कि परिवाद दायर करने वालों की संख्या में इजाफा हो रहा है। प्रयास रहता है कि जल्द से जल्द परिवाद मामलों में सुनवाई कर फैसला सुनाया जाए।
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- हेमंत कुमार गुप्ता, अध्यक्ष जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग, शामली

वर्ष परिवादों की संख्या
2018 57
2020 91
2020 64
2022 109
2023 120
कुल 441
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