शामली जैन धर्मशाला में प्रवचन करते जैन मुनि श्रदानंद जी महाराज व पवित्रानंद जी माहराज
शामली। जैन मुनि 108 श्रद्धानंद महाराज ने कहा कि राजनीति धर्म अनुसार होनी चाहिए, धर्म के नाम पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कांवड़ यात्रा में होटल, ढाबों, ठेलाें पर संचालकों के नाम लिखने के बारे में कहा कि जो सच्चे हैं, सही है, वे चाहे हिंदू हो या मुसलमान उन्हें अपने नाम लिखने से कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए, इसमें कोई बुरी बात नहीं है।
रविवार को तालाब रोड स्थित जैन धर्मशाला में चातुर्मास के दौरान मुनि 108 श्रद्धानंद महाराज ने प्रेस वार्ता में कहा कि देश में राजनीति हो यह अच्छी बात है, लेकिन जिस देश में धर्म की राजनीति आ जाए उस देश का कभी कल्याण नहीं हो सकता। जैन मुनि ने कहा कि संसद या विधानसभा में जय श्रीराम या और किसी अन्य अन्य धर्म से जुड़ा यदि कोई नारा लग रहा है तो उससे किसी को आपत्ति नहीं होनी चाहिए। लेकिन अगर दूसरे धर्म के लोग भी नारा लगाते है तो उस पर भी आपत्ति नहीं होनी चाहिए। जनसंख्या नियंत्रण के सवाल पर जैन मुनि ने कहा जनसंख्या का विषय देश के राजा को देखना होता है। यदि देश के राजा को लगता है कि इतनी जनसंख्या से कोई परेशानी नहीं है तो जो चल रहा है ठीक लेकिन यदि देश चलाने में परेशानी आ रही है तो जनसंख्या नियंत्रण पर बात की जा सकती है। बहुत से ऐसे देश हैं जहां दो से अधिक बच्चों पर प्रतिबंध है। इस अवसर पर जैन मुनि 108 पवित्रानंद महाराज भी मौजूद रहे। इस दौरान जैन समाज के अध्यक्ष आलोक जैन, सचिन जैन व पंकज जैन आदि मौजूद रहे।