शामली। इस साल गेहूं की फसल पर बुवाई के समय से ही संकट के बादल छाए हुए हैं। गेहूं की बुवाई के वक्त लगातार बारिश ने बुवाई में देरी कराई और अब जब कटाई का वक्त आया है तो फिर मौसम की मार किसानों पर पड़ी है। लगातार दो दिन से हो रही बारिश के कारण गेहूं की तैयार खड़ी फसल बुरी तरह से प्रभावित हुई है।
कई जगह किसानों ने कटाई भी शुरू कर दी थी, लेकिन रविवार को ही बारिश से खेतों में कटा हुआ गेहूं भीग गया और अब उसका दाना काला पड़ने की चिंता किसानों को सता रही है। सोमवार सुबह थोड़ी धूप निकली तो किसानों को कुछ उम्मीद जगी, लेकिन कुछ देर बाद ही आसमान में काले बादल छा गए और हवाएं चलती रही। खेत में गेहूं की फसल को पलटने में ही किसान लगे रहे, ताकि गेहूं सूख जाए और दाना काला ना पड़े। किसानों को पैदावार कम होने कभी डर सताने लगा है। पिछले साल जहां गेहूं की पैदावार का औसत साढे़ तीन से चार क्विंटल प्रति बीघा की पैदावार हुई थी। वहीं, इस बार औसत ढाई से तीन क्विंटल प्रति बीघा का आ रहा है। हालांकि कृषि उपनिदेशक शिव कुमार केसरी का कहना है कि अभी जिले में कहीं से नुकसान की सूचना नहीं है लेकिन बारिश से थोड़ा फर्क पड़ेगा कटाई भी प्रभावित होगी।
- ये बोले परेशान किसान
पिछले साल मेरे आठ बीघा खेत में चार से सवा चार बीघा कुंतल का गेहूं निकला था, लेकिन इस बार अच्छा गेहूं होने के बावजूद तीन कुंतल प्रति बीघा से ऊपर नहीं पहुंच रहा है। - मांगेराम
पांच बीघा गेहूं खेत में तीन दिन से कटे हुए हैं। आज फिर मौसम खराब है। सुबह से गेहूं को पलटने में लगा हूं, ताकि सीलन खत्म हो सके। - रमेश कुमार
डेढ़ बीघा गेहूं कटे हुए हैं, जबकि तीन बीघा कटने बाकी है। इन डेढ़ बीघा गेहूं ने सिर में दर्द करके रख दिया है। समझ नहीं आ रहा कब मौसम साफ होगा और गेहूं की सीलन खत्म होगी। - भोपाल सिंह