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कहीं पाइप लाइन नहीं बिछी तो कहीं टैंक अधूरे

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शामली के गांव मालैंडी में निर्माणाधीन टंकी - फोटो : SHAMLI
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कहीं पाइप लाइन नहीं बिछी तो कहीं टैंक अधूरे
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शामली। शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए शुरू की गई पेयजल परियोजनाओं के निर्माण पूरे नहीं हुए हैं। जनपद में 29 गांवों में पेयजल परियोजनाओं का निर्माण हो रहा है, लेकिन ये पूरी नहीं हो सकीं हैं। कहीं पर पाइप लाइन बिछ गई है तो कहीं बोरिंग नहीं हुआ। अधिकांश परियोजनाओं में ओवर हैडटैंक पूरे नहीं बन सके। ग्रामीण पीने के लिए साफ पानी मिलने का इंतजार कर रहे हैं। हालांकि इस पर अधिकारी कोई ध्यान नहीं देने से लोग निराश हैं।
जिले में कृष्णा नदी के किनारे के गांवों में पेयजल प्रदूषित है। नदी के किनारे करीब 25 ग्राम पंचायतें पड़ती हैं। इन पंचायतों के साथ ही आसपास के कुल 29 गांवों में एनजीटी के आदेश पर पेयजल परियोजनाओं का निर्माण शुरू कराया गया था। इनमें से ज्यादातर परियोजनाएं 2016 एवं 2017 में स्वीकृत हुईं थीं, जबकि निर्माण कार्य 2019 में शुरू हुआ। निर्माण शुरू हुए एक साल पूरा हो चुका है। एनजीटी में दाखिल की गई रिपोर्ट में जल निगम ने 29 में से सात परियोजनाओं को पूरा होना दर्शाया गया है, लेकिन इनमें से भी पेयजल की आपूर्ति कहीं भी शुरू नहीं हुई। 15 परियोजनाओं में तो 50 प्रतिशत से भी कम काम हुआ है। जबकि कुछ ऐसी भी हैं जिनमें 85 से 90 प्रतिशत तक काम हो गया है। परियोजनाएं पूरी नहीं होने से ग्रामीणों को दूषित पानी पीने भे लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
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गांव मालैंडी के प्रधान अश्वनी कुमार ने बताया कि उनके गांव में पेयजल परियोजना की शुरूआत सपा सरकार में हुई थी। बीच में काम बंद रहा, लेकिन अब फरवरी से शुरू हुआ है। पाइप लाइन का काम लगभग 80 प्रतिशत हो चुका है। पंप सेट तैयार है, लेकिन टैंक अभी नहीं बना है।
गांव करवाड़ा निवासी देवेंद्र कुमार ने बताया कि उनके गांव में भी पानी की टंकी का निर्माण चल रहा है, लेकिन काम बेहद धीमा है। पाइप लाइन बिछ गई हैं, लेकिन टैंक नहीं बना है। गांवों के हैंडपंपों का पानी साफ नहीं है। टंकी शुरू हो तो ग्रामीणों को साफ पानी मिले।
ग्राम मालैंडी निवासी गन्ना समिति के पूर्व चेयरमैन मनोज कुमार का कहना है कि पानी की टंकी बनने से गांवों की पेयजल की समस्या दूर हो जाएगी। काम की गति धीमी होने के कारण निर्माण पूरा नहीं हो पा रहा है। वह कहते हैं कि काम तेजी से पूरा किया जाना चाहिए।
गांवों में पेयजल परियोजनाओं में कार्य की स्थिति
जल निगम की रिपोर्ट के अनुसार शामली-श्यामला में 99 प्रतिशत, बुच्चाखेड़ी में में 95, इस्सोपुर खुरगान में 85, सोहजनी उमरपुर में 90, बरला जट में 90, भनेड़ा में 15, फतेहपुर में 48, गोगवान जलालपुर में 60, हिरनवाड़ा में 33, किवाना में 40, कुतुबगढ़ में 20, मालैंडी में 23, मतनावली में 58, रायपुर में 40, सोटा में 20, डांगरौल में 38, खवासपुर में 42, सल्फा में 65, सुन्ना में 08, लिसाड़ में 20, कनियान में 13, समसपुर में 54, खानपुर तलवा में 20, जमालपुर में 56 तथा शामली नगर पुनर्गठन परियोजना का 17 प्रतिशत काम हुआ है। इसके अतिरिक्त गांव भिक्की देह में कार्य बंद पड़ा है।
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इन्होंने कहा...
सात पेयजल परियोजनाओं का काम पूरा हो चुका है। अन्य में भी काफी हद तक काम हो गया है। कोरोना संक्रमण के चलते काम प्रभावित रहा था। जल्द ही परियोजनाओं को पूरा कर लिया जाएगा। अधिकांश में ट्यूबवेल पाइप लाइन का काम हो गया है। कुछ में विद्युत कनेक्शन ही होने हैं।
- राजेंद्र कुमार जैन, अधिशासी अभियंता, जल निगम।
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