शामली। डेंगू और अन्य संचारी रोगों की रोकथाम और बचाव के लिए शासन ने स्वास्थ्य विभाग को अलर्ट रहने निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही स्कूल-कालेजों के प्रधानाचार्यों को भी निर्देश दिए कि अगर किसी छात्र को बुखार है तो उसकी सूचना तत्काल सीएमओ या स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को दे।
शासन ने डेंगू बुखार व अन्य बीमारियों पर नियंत्रण रखने के लिए स्वास्थ्य विभाग को कड़े निर्देश जारी किए गए हैं। डेंगू बुखार की रोकथाम शासन की प्राथमिकता में शामिल होने के कारण स्वास्थ्य विभाग कार्रवाई में जुटा है। इसके बाद भी जनपद में अब तक डेंगू बुखार के आठ केस पॉजीटिव आने से स्वास्थ्य विभाग के दावों की पोल खुल रही है। हालांकि स्वास्थ्य अधिकारियों का दावा है कि अन्य जिलों के सापेक्ष शामली जनपद में सबसे कम डेंगू के केस है।
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक जनपद में करीब एक माह पहले मां-बेटे में डेंगू बुखार पॉजीटिव आया था। जाफरपुर में पांच मरीजों में और गंगेरू में एक बालक को डेंगू बुखार होने की पुष्टि हो चुकी है। बुखार की रोकथाम के लिए शासन ने स्कूल-कालेजों में नोडल अधिकारी को नियुक्त कर प्रार्थना सभा में छात्र-छात्राओं को बचाव संबंधी जानकारी देने के निर्देश दिए गए है। साथ ही कहा गया है कि अगर किसी छात्र को बुखार है या बुखार के कारण वह स्कूल-कालेज नहीं आ रहा है तो उसकी सूचना तत्काल सीएमओ या स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी को दे, ताकि समय रहते उसकी जांच कर उपचार किया जा सके।
शासन के निर्देश पर डेंगू और संचारी रोगों की रोकथाम के लिए संचारी रोग नियंत्रण पखवाड़ा 16 नवंबर से चलाया जा रहा है। इसके साथ ही शासन ने स्कूल कालेजों में अगर किसी छात्र को बुखार होता है तो प्रधानाचार्यों को तत्काल सूचना देने के लिए कहा गया है। हालांकि अभी तक किसी स्कूल-कालेज से किसी छात्र-छात्रा को बुखार होने की जानकारी नहीं मिली है। जनपद में बुखार पूरी तरह से नियंत्रण में है। - डॉ. संजय भटनागर, सीएमओ।
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डीआईओएस की तरफ से निर्देश मिले हैं कि अगर किसी छात्र को बुखार है तो उसकी जानकारी स्वास्थ्य विभाग को दे। साथ ही प्रार्थना सभा में छात्र-छात्राओं को बुखार से बचाव के लिए जुराब, जूते पहनने, पूरी बाजू के कपड़े पहनने, स्वेटर पहनकर आने आदि जानकारी दी जा ही है। साथ ही यह भी जानकारी की जाती है कि किसी छात्र को बुखार तो नहीं है। - कैप्टन लोकेंद्र सिंह, प्रधानाचार्य आरके इंटर कालेज शामली।