शामली। कक्षा एक से 12वीं तक के छात्र-छात्राओं की अपार आईडी बनाने में माध्यमिक और बेसिक शिक्षा विभाग लापरवाही बरत रहा है। अभी तक जनपद में केवल 40 प्रतिशत ही छात्र-छात्राओं की अपार आईडी बन सकी है। सबसे ज्यादा निजी विद्यालयों की ओर से लापरवाही बरती जा रही है। डीआईओएस ने बैठक लेते हुए 10 फरवरी तक 80 से 90 प्रतिशत तक कार्य पूरा कराने के निर्देश दिए हैं, लापरवाही बरतने वाले स्कूलों की मान्यता समाप्त की जाएगी।
शासन के आदेश हैं कि कक्षा 1 से 12वीं तक के छात्र-छात्राओं की अपार आईडी शत प्रतिशत बना ली जाए, लेकिन जनपद में बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग के स्कूल, काॅलेजों की ओर से लापरवाही बरती जा रही है। डीआईओएस जेएस शाक्य ने बताया कि नवंबर 2024 से शुरू हुई इस प्रक्रिया में तीन महीने बीत जाने के बाद दोनों विभागों में केवल 40 प्रतिशत कार्य ही पूरा हो पाया है।
जनपद में अभी भी 60 प्रतिशत बच्चे बिना अपार आईडी के पढ़ाई कर रहे हैं, उन्होंने बताया कि राजकीय माध्यमिक कॉलेजों में 90 प्रतिशत कार्य पूरा किया जा चुका है, वहीं एडेड कॉलजों में 55 प्रतिशत कार्य पूरा हुआ है। सबसे खराब स्थिति सीबीएसई स्कूल व वित्तविहीन कॉलेजों की है, जिनमें केवल 30 प्रतिशत छात्रों की अपार आईडी बनाई गई हैं। उन्होंने बताया कि मंगलवार को एडेड कॉलेजों के प्रधानाचार्यों की बैठक ली गई, जिसमें सख्त निर्देश दिए हैं कि पांच फरवरी तक 70 प्रतिशत कार्य पूरा करना होगा, सभी को वेतन भी रोका गया है।
वहीं सीबीएसई स्कूल संचालकों की बैठक लेकर 10 फरवरी तक 90 प्रतिशत कार्य पूरा करने के निर्देश दिए हैं, पालन न करने पर लापरवाही बरतने वाले स्कूलों की मान्यता रद्द की जाएगी। वहीं बेसिक शिक्षा अधिकारी लता राठौर ने भी लापरवाही बरतने पर कार्रवाई करने की बात कही। अभी तक बेसिक शिक्षा विभाग में केवल 60 प्रतिशत कार्य पूरा हुआ हैं।
- अपार आईडी रोकेगी फर्जीवाड़ा
अपार आईडी में छात्रों का नाम, माता-पिता का नाम, जन्मतिथि, पूरा पता, आधार नंबर, स्कूल का नाम, यू-डायस कोड, कक्षा, गांव का नाम, तहसील, एसआर नंबर सहित अन्य सभी जानकारियां होंगी। विद्यार्थियों को एक यूनिक आईडी नंबर मिलेगा। जिसे पोर्टल पर डालने के बाद उसकी पूरी कुंडली खुल जाएगी। यह आईडी जीवन भर छात्र के काम आएगी। नौकरियों में इंटर तक का सत्यापन छात्र का पोर्टल पर कर लिया जाएगा।
- अपार आईडी में आ रही समस्या को लेकर बीएसए को दिया ज्ञापन
यूटा शिक्षक संघ के द्वारा अपार आईडी बनाने में आ रही समस्याओं को लेकर बीएसए लता राठौर को शिकायती पत्र दिया। मंडलाध्यक्ष अमित खैवाल ने बताया कि काफी बच्चों के जन्म प्रमाण पत्र नहीं बने है, कुछ बच्चों की जन्मतिथि, माता पिता के नाम में अंतर आने से अपार आईडी नहीं बन पा रही है, जिसके चलते समय बढ़ाया जाए। अपार आईडी पटल प्रभारी प्रवीण कुमार को बीएसए ने समस्या दूर कराने के निर्देश दिए।
शिक्षक संगठन ने 115 शिक्षकों के चयन वेतनमान की फाइल पर स्वीकृति प्रदान कराने की मांग की। इस दौरान प्रविंद शर्मा, सुनील मलिक, अमित निर्वाल, आशीष पंवार, दीपक, अशोक चौहान, शैलेंद्र मान, विनीत बेनीवाल आदि रहे।