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जबरन इंदिरा आवास खाली कराने पर बवाल

Fri, 29 Apr 2016 01:42 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, शामली
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बबाल के तैनात फोर्स। - फोटो : अमर उजाला
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चौसाना। नाईनंगला नवीन में चुनावी रंजिश के चलते जबरन इंदिरा आवास खाली कराने के विवाद में बवाल हो गया। मकान खाली कराने का विरोध करने पर जमकर फायरिंग की गई। जिसमें दो दर्जन लोग घायल हो गए। इनमें 15 लोगों को फायरिंग में गोली लगी है। बवाल की सूचना पर पुलिस फोर्स पहुंची और घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया। देर शाम एसपी ने गांव का दौरा किया। 
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झिंझाना थाना क्षेत्र के गांव नाईनंगला नवीन में शेख कलंदर जाति के लोगों को करीब 15 साल पहले इंदिरा आवास मिले थे। बृहस्पतिवार को इन्हीं आवासों को खाली कराने को लेकर बवाल हो गया। आरोप है कि बुधवार की रात प्रधान पक्ष के यूसुफ आदि ने शेख कलंदर जाति के लोगों पर पंचायत चुनाव में वोट न देने का आरोप लगाते हुए इंदिरा आवास खाली कराने की कोशिश की। आरोप है कि प्रधान पक्ष के लोगों ने इंदिरा आवासों के घरों पर भूसा डाल दिया। आरोप है कि पुलिस को सूचना दी गई, लेकिन पुलिस नहीं पहुंची। 

बृहस्पतिवार को फिर से यूसुफ पक्ष के लोग पहुंच गए और वहां पर शेख कलंदर जाति के लोगों के घरों में घुसकर तोड़फोड़ करनी शुरू कर दी। इस दौरान चार झोपड़ियों में भी आग लगा दी गई। विरोध किया गया, तो आरोप है कि फायरिंग करनी शुरू कर दी। जिसमें करीब 15 लोग गोली लगने से घायल हो गए। बाद में शेख कलंदर जाति के लोगों ने जान बचाने के लिए आरोपियों पर पथराव कर दिया। पथराव में भी कई लोग घायल हो गए।
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बवाल की सूचना पर चौसाना पुलिस घटनास्थल पर पहुंची, तो वहां से आरोपी जंगल के रास्ते भाग निकले। 
पुलिस ने घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां से गंभीर हालत के चलते घायलों को मुजफ्फरनगर के लिए रेफर कर दिया गया। उधर,  सीओ झिंझाना कुलदीप कुकरेती, झिंझाना थाना व ऊन चौकी की पुलिस भी घटनास्थल पर पहुंच गई। सीओ कुलदीप कुकरेती ने बताया कि आरोपियों की तलाश में दबिश दी गई, लेकिन कोई पकड़ में नहीं आ सका।

बवाल में यह लोग हुए घायल
नाजिम, यामीन, असरफ, महफूज, जानेदफ, इस्लाम,  जाहिदा, आबिदा, रानी, शौकत, तासीम, अरशद, सुक्की, थान बीबी, महमीना।

आरोपियों से 10 वर्ष पूर्व खरीदी थी जमीन

चौसाना क्षेत्र के गांव नाई नंगला में हुई फायरिंग में घायल यामीन ने बताया कि उसका पिता छोटा लगभग 20-25 वर्ष पूर्व यहां आकर बस गया था। तभी से उनकी बस्ती को डेरा शेख के नाम से जाना जाता रहा है। सभी परिजनों के राशन कार्ड, वोटर आई कार्ड बने हुए हैं।

इंदिरा आवास भी ग्राम प्रधानों ने बनवाए हैं। जिस जमीन पर बने आवासों को यूसुफ पक्ष खाली करा रहा है, उस जमीन को 10 वर्ष पूर्व उसके पिता छोटा ने यूसुफ से खरीदा था। इस वर्ष ग्राम प्रधानी के चुनाव में वोट पूर्व प्रधान शोकीन को देने से नाराज वर्तमान प्रधान पति ने यूसुफ, अजीज सहित दो दर्जन लोगों को साथ लेकर उन की बस्ती पर हमला किया।

घायलों को भिजवाने में लगीं सात एंबुलेंस

नाई नंगला में झगडे़ की सूचना जिले में फ्लैश कर दी गई। जिसके बाद थाना भवन, कैराना, झिंझाना से सात एंबुलेंस घायलों को समय रहते लेकर अस्पताल में पहुंचीं।

दबिश देने गयी पुलिस का विरोध

सीओ कुलदीप कुकरेती के नेतृत्व में भारी पुलिस फोर्स आरोपी ग्रामीणों के घरों पर दबिश देने पहुंची, तो महिलाओं ने पुलिस का विरोध किया। उनको घर में घुसने नहीं दिया, जिसके बाद पुलिस को बैरंग लौटना पड़ा।

पुलिस की लापरवाही से हुआ बवाल

पुलिस को झगड़े की आशंका के मद्देनजर पूर्व रात्रि में ही सूचना दी गयी थी, कि दूसरे पक्ष के घरों में संदिग्ध है।  जो कोई भी घटना को अंजाम दे सकते हैं, लेकिन पुलिस ने सूचना को गंभीरता से नहीं लिया। पुलिस गांव में पहुंची, लेकिन खानापूर्ति कर लौट आई। 

राहगीरों पर भी बरसे पत्थर

फायरिंग व पथराव का मंजर करीब एक घंटे तक चलता रहा। उसी दौरान वहां से होते हुए नसीम नाम का व्यक्ति अपने खेत को जा रहा था। वह भी पथराव की चपेट में आ गया और घायल हो गया। वहीं दूसरी ओर खेत में काम कर रहा नईम अपने भाई को चोट लगने की सूचना पर पहुंचा, तो वह भी पथराव में घायल हो गया। उन्हें भी अस्पताल में भर्ती कराया गया। 
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