कैराना में जनसभा में पहुंचे मुख्यमंत्री अखिलेश।
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शामली। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कैराना जनसभा में भाजपा पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि हम विकास कराते हैं, जबकि भाजपा नफरत फैलाने का काम करती है। भाजपा वालों को भगवान ने कैसी जुबां दी है, जब देखो खराब ही बोलते हैं। बजट पर कहा कि गरीब, किसान, मजदूर और मुसलिमों को कुछ नहीं मिला। मुजफ्फरनगर दंगा और कैराना पलायन पर भी उन्होंने भाजपा पर प्रहार किए।
शामली जिले के तीनों प्रत्याशियों के समर्थन में बृहस्पतिवार को कैराना में जनसभा हुई। अपराह्न करीब पौने चार बजे मुख्यमंत्री अखिलेश यादव मंच पर पहुंचे। इसके बाद उन्होंने करीब 23 मिनट भाषण दिया। इस दौरान उनके निशाने पर भाजपा और बसपा रही। भाजपा को उन्होंने नफरत फैलाने वाली पार्टी कहा। मुजफ्फरनगर दंगे के बारे में कहा कि उस घटना का हमें बहुत दुख हुआ और पीड़ितों की भरपूर मदद की गई, मगर भाजपा नेताओं ने लोगों में खाई पैदा करने का काम किया। कैराना पलायन पर कहा कि भाजपा नेता ने 346 परिवारों के पलायन की जो सूची जारी की थी, वह जांच में फर्जी साबित हुई। क्योंकि रोजगार के लिए लोग शहरों से बाहर जाते हैं।
नोटबंदी पर भी केंद्र सरकार की जमकर खिंचाई की और कहा कि गरीब जनता को लाइन में खड़ा कर दिया, लाइन में लगे लोगों की मौत भी हुई। हमने उन परिवारों की मद्द भी की, लेकिन भाजपा वालों ने कुछ नहीं किया। कालाधन लाने और भ्रष्टाचार मिटाने के दावे करने वाली भाजपा बताए कि उनके दावों का क्या हुआ। कालाधन आया नहीं, भ्रष्टाचार मिटा नहीं, 15-15 लाख रुपये खातों में आने का वादा भी खोखला साबित हुआ। वहीं, बसपा पर प्रहार करते हुए कहा कि पत्थर की मूर्तियां बनाने वालों को अब जनता पसंद नहीं करती है। उन्होंने कहा कि नकदी के चक्कर में बसपा ने कितने ही नेताओं को बाहर कर दिया। पत्थर का हाथी जहां खड़ा और बैठा था, आज भी वहीं पर है।
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि सांप्रदायिक ताकतों को रोकने के लिए हमने कांग्रेस से हाथ मिलाया और बड़ा दिल दिखाते हुए कांग्रेस को 105 सीटें दीं। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने लोहिया आवास, लैपटॉप, साइकिल, पेंशन, बेरोजगारी भत्ता वितरण के साथ ही भविष्य में स्मार्ट फोन, प्रेशर कूकर, एक लीटर घी और मिल्क पाउडर देने का वादा भी किया। अपने मुख्यमंत्री काल के दौरान की विकास योजनाओं का भी खूब गुणगान किया।