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कैसे सुधरे हाल, स्कूल में नहीं टिकते नौनिहाल

Thu, 08 Dec 2016 12:24 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, शामली
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education - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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शामली। शिक्षा का स्तर सुधारने को केंद्र और यूपी की सरकार चाहे जितने कागजी दावे करती रहें, मगर धरातल पर उसका असर नहीं हो रहा। इंटर कॉलेजों की हालत यह है कि मध्याह्न के बाद छात्र कक्षाएं छोड़कर स्कूल से बाहर निकले, तो फिर लौटते नहीं हैं।
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जबकि स्कूल की छुट्टी का समय तीन बजे का है। ऐसे में सवाल उठता है कि प्राइवेट स्कूलों से प्रतिस्पर्धा में        भला इन स्कूलों के बच्चे कैसे मुकाबला कर सकते हैं और भविष्य कैसा होगा? वहीं, टीचर भी छात्रों पर कोई अंकुश नहीं लगा पाते हैं। जिस कारण छात्र स्कूल में 12 बजते ही बाहर निकल जाते हैं और वापस नहीं आते। जिस कारण इनकी पढ़ाई भी प्रभावित हाे रही है।  

अमर उजाला टीम ने शहर के कुछ इंटर कॉलेजों में पहुंचकर वहां बच्चों की उपस्थिति के बारे में जानकारी ली। दोपहर 12 तक अधिकांश कक्षाएं खाली हो चुकी थीं। किसी कक्षा में तीन, तो किसी में चार बच्चे ही मौजूद थे। जबकि कॉलेज खुलने के समय उपस्थिति ज्यादा थी। जैसे ही 12 बजे इंटरवल या उससे पहले ही कॉलेजों से निकलकर छात्र बाजारों में दोस्तों के साथ इधर उधर घूमने निकल जाते हैं।
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 उधर,  जिला विद्यालय निरीक्षक  एमएस सिद्दीकी ने कहा कि कॉलेजों में अनुशासन बनाने और बच्चों को निर्धारित समय तक पढ़ाई कराने की जिम्मेदारी संबंधित कॉलेज प्रधानाचार्यों की है। उन्हें अपनी जिम्मेदारी का निर्वाह करना चाहिए। समय समय पर इस बारे में दिशा निर्देश भी दिए जाते हैं।

रोक नहीं पाते अध्यापक  
छुट्टी से पूर्व ही कॉलेजों से बैग लेकर बच्चे बाहर निकल जाते हैं, मगर उन्हें रोका तक नहीं जाता। कॉलेज स्टाफ इसके लिए जिम्मेदार है। कुछ साल पूर्व तक गेटों पर स्टाफ में से चौकीदार या अन्य किसी की ड्यूटी रहती थी, जो बच्चों को समय से पूर्व स्कूल से बाहर निकलने से रोकते थे। इसके विपरीत प्राइवेट कॉलेजों और गर्ल्स कॉलेजों में बच्चे छुट्टी के समय पर ही बाहर निकलते हैं।

ब्रिगेडियर होशियार सिंह इंटर कॉलेज 
शामली । कॉलेज में कक्षा-10 में दो सेक्शनों में 79 छात्रों का दाखिला है, जिनमें से सुबह 40 छात्र आए। वहीं, 12वीं कॉमर्स में 35 छात्रों में से 24 आए हुए थे। कक्षा-9 में 60 में से 30 ही छात्र उपस्थित रहे। 12वीं आर्ट में 24 छात्रों में से 15 ही आए। कक्षा-11 में कॉमर्स में 32 छात्र पंजीकृत हैं जिनमें से 18 ही छात्र आए थे। इंटरवेल होने पर अधिकांश बच्चे स्कूल से बाहर निकल गए। इसके बाद कक्षा-9 में चार छात्र, कक्षा-11 में पांच छात्र और कक्षा-12 में भी पांच ही छात्र पढ़ाई के लिए कॉलेज में रह गए।

आरके इंटर कॉलेज 
शामली। कॉलेज में कक्षा 12वीं (कृषि) में दो सेक्शन में 130 छात्र है, जिनमेें से इंटरवल के बाद 20 से 30 ही छात्र मिले। वहीं, 12वीं (कला) में 110 छात्र पंजीकृत हैं, जिनमें से केवल 40 छात्र पढ़ाई के लिए रुके रहे। वहीं, 12वीं साइंस में भी दो सेक्शन है, जिनमें 110 छात्रों में से केवल 40 प्रतिशत ही छात्र पाए गए। 


वीवी इंटर कॉलेज 
शामली। कॉलेज में कक्षा-10 में चार सेक्शन हैं। इनमें ए सेक्शन में 62 छात्र हैं, सुबह 36 छात्र उपस्थित थे। इंटरवल के बाद केवल 13 ही छात्र कक्षा में मिले। सेक्शन बी में 70 में से 58 उपस्थित थे, जिसके बाद 30 छात्र ही रहे। सेक्शन सी में 58 में से सुबह 40 उपस्थित थे। इंटरवेल के बाद केवल दस ही मौजूद पाए। सेक्सन डी में 56 छात्रों में से सुबह 40 उपस्थिति थी, जिनमें से दोपहर को पांच ही छात्र कक्षाओं में रह गए। वहीं, कक्षा 12 (कला) में 70 छात्र पंजीकृत हैं, जिनमें से इंटरवेल के बाद सिर्फ चार छात्र ही पढ़ते मिले। कक्षा-11 कॉमर्स में 70 छात्रों में से सुबह 35 छात्र आए, जिनमें से बाद में केवल तीन ही छात्र पढ़ाई के लिए रहे। वहीं, कक्षा 12 में साइंस में तीन सेक्सन है, तीनों में 40-40 छात्र पंजीकृत हैं। उनमें से किसी में 15 तो किसी में 20 ही छात्र मिले। कक्षा 11 साइंस में भी तीन सेक्शन में 120 छात्र पंजीकृत हैं, जिनमें से किसी में 10 तो किसी में 15 ही उपस्थित रहे।
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