शामली। कॉमर्शियल गैस सिलिंडर की आपूर्ति पर रोक से जिले के होटल कारोबारियों और संस्थानों में मायूसी का माहौल है। होटल संचालकों का कहना है कि यदि जल्द सप्लाई शुरू नहीं हुई तो रोजमर्रा का कारोबार चलाना मुश्किल हो जाएगा। किसी को होटल बंद होने का डर सता रहा है तो किसी को मजबूरी में कोयले की भट्ठी का सहारा लेना पड़ सकता है।
दो दिन का ही स्टॉक, फिर कोयले की भट्टी ही सहारा
शहर के मुख्य मार्ग स्थित होटल व चाट भंडार संचालक सुभाष ने बताया कि उनके पास गैस का केवल दो दिन का स्टॉक बचा है। इसके बाद उन्हें मजबूरी में कोयले की भट्ठी का इस्तेमाल करना पड़ेगा। कोयला महंगा होने के साथ ही उससे प्रदूषण की समस्या भी बढ़ेगी। उन्होंने बताया कि बाजार में ब्लैक में भी गैस सिलिंडर नहीं मिल रहे हैं।
कोयला इस्तेमाल किया तो बढ़ेंगे खाने के दाम
अग्रसेन भवन के सामने ढाबा संचालक राजपाल का कहना है कि उनके पास भी केवल दो दिन की गैस बची है। कोयले की भट्ठी एक बार जलाने के बाद पूरे दिन चलानी पड़ती है, जिससे खर्च बढ़ेगा। ऐसे में उन्हें हर सब्जी की प्लेट पर करीब 10 रुपये तक कीमत बढ़ानी पड़ेगी।
चार दिन का स्टॉक, फिर बंद करना पड़ेगा काम
शहर के मुख्य मार्ग पर एक नामी पिज्जा-बर्गर कंपनी के मैनेजर विरेंद्र ने बताया कि उनके पास केवल आठ सिलिंडर बचे हैं, जो करीब चार दिन का स्टॉक है। ओवन भी गैस से ही चलते हैं। यदि चार दिन में आपूर्ति शुरू नहीं हुई तो मजबूरन दुकान बंद करनी पड़ेगी, जिससे वहां काम करने वाले आठ से दस युवक बेरोजगार हो जाएंगे।
गैस की किल्लत से बढ़ी इंडक्शन हीटर की मांग
घरेलू गैस की किल्लत का असर बाजार में भी देखने को मिल रहा है। गैस न मिलने से परेशान लोग अब इंडक्शन हीटर खरीदने के लिए बर्तन की दुकानों पर पहुंच रहे हैं। बर्तन व्यापारी दीपक गोयल ने बताया कि पिछले दो दिनों में इंडक्शन हीटर की बिक्री लगभग दोगुनी हो गई है। रोजाना 15 से 20 हीटर बिक रहे हैं। बाजार में इनकी कीमत 1800 से 3500 रुपये तक है।
गैस की किल्लत के चलते बर्तन की दुकान पर इंडक्शन हीटर देखते युवक. संवाद
गैस की किल्लत के चलते बर्तन की दुकान पर इंडक्शन हीटर देखते युवक. संवाद