शामली। जिले भर में दिवाली त्योहार धूमधाम से मनाया गया। शनिवार को अमावस्या तिथि मानकर सुबह से ही मंदिरों, ग्राम देवताओं और गृह देवताओं पर पूजा अर्चना करने, दीये जलाने के लिए लोग की भीड़ उमड़ पड़ी। दोपहर बाद अमावस्या तिथि आने के बाद शाम के घरों में दिवाली पूजन विधि विधान से संपन्न हुआ। एक-दूसरों के घरों में जाकर मिठाई देते हुए दिवाली की शुभकामनाएं दी गईं।
घरों में मिट्टी कुल्हड़ों में जल, खील और पकाए गए दाल- चावल रखे गए। इस मौके पर परिवार केे सभी सदस्यों ने घी के दीपक जलाकर अमावस्या पूजन किया गया। उसके बाद घर-गांव के देवताओं का पूजन किया। इस मौके पर खील बतासों का प्रसाद वितरण किया गया। दीप अमावस्या होने से घरों में सुबह से लेकर शाम तक कन्याओं और गोमाताओं को भोजन खिलाकर सुख समृद्धि और शांति की कामनाएं की।
शाम के पांच बजे के बाद घरों में दीयों का सामूहिक रुप से दीपक प्रज्वलित किए गए। लक्ष्मी-गणेश सरस्वती, कुबेर आदि की पूजा अर्चना करके दीवाली पूजन विधि विधान से संपन्न किए गए। आंगन, छतों गलियारों में दीपक और मोमबत्ती जलाकर घरों को रोशनी से जगमग कर दिया। शाम के समय से घरों में एक दूसरे को मोमबत्ती और मिठाई बांटकर दीवाली की शुभकामनाएं दी गईं।
उधर, जलालाबाद में अमावस्या पर अपने-अपने पितरों को याद कर देव स्थानों पर हवन-पूजन कर भोजन बनाकर प्रसाद के रूप में बांटा। रात के समय सभी ने अपने घरों में दिवाली पर मां लक्ष्मी की विधि विधान से पूजा-अर्चना किया। घरों में प्रतिष्ठानों कर घरों को बिजली की लड़ियों से जगमग कर दिया। एक दूसरे को मिठाइयां बांटीं।
सोशल मीडिया के माध्यम से दी गईं शुभकामनाएं
शामली। सोशल मीडिया के माध्यम से भी लोगों ने एक-दूसरे को दिवाली की शुभकामना दी। राजनैतिक दलों के कार्यकर्ताओं ने अपनी पार्टी के कलर में राष्ट्रीय- प्रदेशीय, जिला स्तर के नेताओं के फोटो लगाकर शुभकामना दी।