शामली। नव संवत्सर के शुभारंभ पर देश की सुख शांति और समृद्धि, भाईचारे के लिए गांव कसेरवा कलां में पंाच दिवसीय चतुर्वेद परायण महायज्ञ का आयोजन किया गया। जिसमें गांव के मुस्लिमों ने भी आहुति देकर सांप्रदायिक सौहार्द की मिशाल पेश की।
क्षेत्र के गांव कसेरवा कला में नव संवत्सर के उपलक्ष्य में चल रहे पांच दिवसीय महायज्ञ का समापन हो गया। जिसमें गांव के सभी लोगों का सहयोग रहा। गांव के मुस्लिम वर्ग के लोगों ने ही महायज्ञ में आहुति दीं।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रसन्न चौधरी ने कहा कि देश दुनिया की भलाई के लिए यज्ञ जरूर करना चाहिए। कुश्ती कोच जितेंद्र सिंह ने कहा कि हवन में विभिन्न जड़ी बूटियों को देशी घी में मिलाकर सामग्री तैयार की जाती है। जब इस सामग्री को मंत्रों के साथ अग्नि में डाला जाता है तो पूरी श्रृष्टि को इसका लाभ मिलता है। इससे सभी तरह का प्रदूषण दूर हो जाता है। उन्होंने कहा कि हमें जाति धर्म से ऊपर उठकर गांव में मिलजुलकर रहना चाहिए।
गांव के मुस्लिम समुदाय के साथ ही गाजियाबाद से आए आसिफ सिद्दीकी ने यज्ञ में आहुति देकर तिलक लगवाया और कहा कि यह बड़ा ही पुण्य का कार्य है। हवन से निकलने वाली वायु से सभी को लाभ मिलता है।
शाहपुर से आए मनसब अली ने पूरे परिवार सहित यज्ञ में आहुति दी। इस दौरान अरविंद शास्त्री, लक्ष्मीचंद, रामपाल सिंह, संजीव कुमार, गुलाब सिंह, जगपाल, नरेश कुमार, चंद्रहास आदि मुख्य रूप से मौजूद रहे।