शामली। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सोमवार को कलक्ट्रेट में प्रदर्शन कर अडानी समूह पर आई हिंडनबर्ग रिसर्च रिपोर्ट की जांच कराने और संसद में इस पर चर्चा कराने की मांग की। राष्ट्रपति को संबोधित दो सूत्रीय ज्ञापन डीएम जसजीत कौर को सौंपा।
जिलाध्यक्ष दीपक सैनी ने कहा कि चुनिंदा अरबपतियों को फायदा पहुंचाने की मोदी सरकार की नीतियों से पूरा देश, खासकर मध्यम वर्ग चिंतित है। मोदी सरकार ने अडानी समूह में एलआईसी और एसबीआई जैसे संस्थानों के बेहद जोखिम भरे लेनदेन और निवेश ने भारत के निवेशकों एलआईसी के 29 करोड़ पॉलिसी धारकों और एसबीआई के 45 करोड़ खाताधारकों पर प्रतिकूल प्रभाव डाला है।
एलआईसी और एसबीआई जैसे सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम हमारे देश का गौरव हैं। पिछले कुछ दिनों में एलआईसी के 39 करोड़ पॉलिसीधारकों और निवेशकों को 33,060 करोड़ का नुकसान हुआ है। अडानी समूह पर भारतीय बैंकों का लगभग 80,000 करोड़ बकाया है। कांग्रेस पार्टी किसी खास कारपोरेट घराने के खिलाफ नहीं रही है। घोर पूंजीवाद के खिलाफ है। पार्टी हमेशा गरीब और आम आदमी के साथ खड़ी रहेगी। सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश या एक संयुक्त संसदीय समिति से हिंडनबर्ग रिसर्च रिपोर्ट की निष्पक्ष जांच कराई जाए।
उन्होंने कहा कि एलआईसी, एसबीआई और अन्य राष्ट्रीयकृत बैंकों के निवेश पर संसद में चर्चा की जानी चाहिए और निवेशकों की सुरक्षा के लिए उचित कदम उठाए जाने चाहिए। ज्ञापन देने वालों में जिला उपाध्यक्ष प्रवीण तरार, अखलाक प्रधान, नासिर चौधरी, प्रदीप राठी, अश्वनी शर्मा, नाथीराम गुर्जर, निन्ना अंसारी, आदेश कश्यप, अब्दुल हाफिज, रिजवान, राहुल शर्मा आदि मौजूद रहे।
कलक्ट्रेट में प्रदर्शन करते कांग्रेस कार्यकर्ता।