हिंडन निर्मल गोष्ठी का दीप जलाकर शुभारंभ करते अतिथगण।
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शामली में हिंडन-कृष्णा वृहद स्वस्थता कार्यशाला में डीएम इंद्र विक्रम सिंह ने कहा कि जल की बर्बादी को रोकने के लिए पर्यावरण को सुरक्षित रखना होगा। उन्होंने कहा कि आम नागरिकों से हिंडन- कृष्णा वृहद स्वस्थता के लिए जनसभागिता जरूरी है। नागरिकों के सहयोग व वृक्षारोपण कर हिंडन व कृष्णा नदियों को सुरक्षित रख सकते हैं।
बुधवार को कलक्ट्रेट सभागार में निर्मल हिंडन निर्मल कृष्णा वृहद स्वस्थता एवं अभियान हेतु पर्यावरणीय संरक्षण के परिप्रेक्ष्य में कार्यशाला आयोजित की गई। डीएम इंद्र विक्रम सिंह ने कहा कि हिंडन, कृष्णा नदी प्रदूषित हो चुकी है। जीव-जंतुओं के जीवन नदियों के गंदे पानी के कारण खतरे में हैं। उन्होंने पर्यावरण के खतरे पर चिंता प्रकट करते हुए नदियों के पर्यावरण को सुरक्षित रखने हेतु नदियों को बचाना जरूरी है। डीएम ने कहा कि मेरठ के मंडलायुक्त डाक्टर प्रभात कुमार के निर्देश पर हिंडन-कृष्णा का स्वच्छ व प्रदूषण मुक्त करने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मामौर झील तथा कृष्णा नदी के पानी को स्वच्छ रखने हेतु जनमानस को प्रेरित कर जनसहयोग जरूरी है। पानी प्रबंधन तथा पानी को स्वच्छ बनाना है।
इस मौके पर चौधरी चरण सिंह के उप कुलपति डाक्टर रणधीर सिंह ने पर्यावरण के खतरे को आगाह करते हुए चिंता प्रकट की। उन्होंने कहा कि हिमालय पर्वत भी बर्फ न पड़ने के कारण खतरे में है। इसलिए उन्होंने हिंडन तथा कृष्णा नदी के पानी के कारण सीमावर्ती गांव में लोगों में बीमारियों का खतरा बढ़ता जा रहा है, अगर हम समय के रहते नही चेते, तो आने वाले समय में लोगों को इसका खामियाजा भुगतना पडे़गा।
इसलिए नदियों के गंदे पानी को स्वच्छ कर जीव जंतुओं को सुरक्षित जीवन दे सकते हैं। इस मौके पर हिंडन कृष्णा नदी पर अमेरिका की शोध कर रही नदी पुनर्जीवन विज्ञान की ऐना लनांगिया, जल एवं वन विज्ञान से वैज्ञानिक वीणा खंडूूूरी, भारत वन सेवा के विशेषज्ञ क्षेत्र धर्मवीर कपिल, पर्यावरण विद्ध एवं समाज सेविका अनीता राना, जल संरक्षण विद्ध संजय कश्यप, जल संरक्षण विद्ध नूरनवाज खां, सीडीओ रेणु तिवारी, डीपीआरओ नरेशचंद समेत उद्यमी अशोक बंसल, अंकित गोयल व जिलास्तरीय अधिकारी मौजूद रहे। संचालन वैज्ञानिक उमर शैफ ने किया।