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लॉकडाउन में अधूरे पड़े हाईवे अब पकड़ रहे रफ्तार

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शामली। लॉकडाउन ने जिले में हाईवे निर्माण की गति को रोक दिया था, लेकिन अनलॉक शुरू होते ही इन पर काम शुरू हो गया। अब हाईवे का निर्माण रफ्तार पकड़ रहा है। दो हाईवे के चौड़ीकरण के लिए तेजी से काम चल रहा है, जबकि प्रस्तावित दिल्ली-देहरादून इकनॉमिक कॉरिडोर के लिए भूमि के नोटिफिकेशन की कार्रवाई चल रही है। ट्रेनों के मामले में यह साल बेहद खराब रहा। मार्च से जिले की ट्रेनें बंद हैं। उदयपुर-हरिद्वार ट्रेन शुरू हुई थी, लेकिन वह भी पांच जनवरी तक बंद हो गई है।
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दो हाईवे का चौड़ीकरण, बाईपास से सुगम होता यातायात
शामली। दिल्ली-शामली-सहारनपुर हाईवे के चौड़ीकरण का प्रथम चरण बलवा तक पूरा हो चुका है, जबकि पानीपत-खटीमा को फोरलेन बनाने के लिए मिट्टी का काम तेजी से चल रहा है।
एलम कस्बे में नया बाईपास 90 प्रतिशत बन चुका है। इसके अलावा बलवा, सहता होते हुए बनत तक, सहारनपुर रोड से गोहनी, मुुंडेट, बधेव होते हुए टपराना के पास करनाल हाईवे पर, तीसरा बाईपास बलवा से कंडेला तक पानीपत हाईवे तक बनना है। इनमें से दो पर मिट्टी का काम चल रहा है, जबकि अन्य पर भूमि अधिग्रहण एवं मुआवजे की कार्रवाई जारी है। बनत से पश्चिम की ओर बाईपास पर मिट्टी कार्य तेजी से चल रहा है। जिले से होकर जाने वाले छह लेन के दिल्ली-सहारनपुर-देहरादून इकनॉमिक कॉरिडोर को मंजूरी मिल गई है। इसके लिए तीन-ए की कार्रवाई चल रही है। हाईवे और बाईपास से यातायात सुगम होगा।
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विद्युतीकरण हुआ, दोहरीकरण की मांग अधूरी
शामली। दिल्ली-शामली-सहारनपुर रेलवे का विद्युतीकरण शाहदरा से लेकर शामली तक हो गया है। शामली से टपरी तक विद्युतीकरण के पोल लगाए जा चुके हैं। तार खींचने बाकी हैं। ट्रेनों की 125 किमी प्रति घंटे की स्पीड का ट्रायल जनवरी में किया गया था। दिल्ली-शामली-सहारनपुर रेलवे लाइन के दोहरीकरण की मांग अभी भी अधूरी है। सामान्य तौर पर इस रूट पर लगभग 21 ट्रेनें चलती थी, लेकिन अक्तूबर माह से केवल उदयपुर-हरिद्वार एक्सप्रेस ही चल रही थी। वह भी पांच जनवरी तक बंद हो गई है।
रेलवे लाइन पर ओवरब्रिज की दरकार
शामली। दिल्ली-शामली-सहारनपुर रेलवे लाइन पर बुढ़ाना रोड फाटक और धीमानपुरा फाटक पर ओवरब्रिज की मांग होती रही है, लेकिन व्यापारियों के विरोध के चलते इस साल भी यह मांग पूरी नहीं हो सकी। दोनों स्थानों पर हर समय जाम की समस्या रहती है।
अनुबंधित ही रह गया शामली बस स्टैंड
शामली। कोरोना के कारण बसों की व्यवस्था प्रभावित हुई है, लेकिन मुजफ्फरनगर मार्ग पर फतेहपुर गांव में नौ बीघा जमीन पर रोडवेज डिपो के निर्माण को मंजूरी मिल गई है। इसके लिए लगभग साढ़े आठ करोड़ के बजट की स्वीकृति भी मिली है। इसके बाद भी शामली का रोडवेज बस अड्डा जस का तस है। यहां से केवल अनुबंधित बसों का ही संचालन होता है, जबकि जलालाबाद बस स्टैंड से परिवहन निगम की बसें संचालित होती हैं। शामली में आधुनिक बस स्टैंड के लिए जमीन नहीं मिली, जबकि कैराना में बस अड्डे के भवन निर्माण को लगभग 20 लाख रुपये की स्वीकृति मिली है।
अंडरपास के बिना बेकार पड़ी है सड़क
शामली। दिल्ली-यमुनोत्री हाईवे से जिला मुख्यालय भैंसवाल रोड को जोड़ने वाले बाईपास का निर्माण तो हो गया, लेकिन रेलवे लाइन पर अंडरपास नहीं बनने से यह सड़क बेकार पड़ी है। रेलवे को 4.14 करोड़ रुपये दिए भी जा चुके हैं। इसके बावजूद अंडरपास नहीं बना।
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जिले में हाईवे की लंबाई...
- दिल्ली-शामली-सहारनपुर हाईवे : 52 किमी
- पानीपत-खटीमा हाईवे : 35 किमी
- मेरठ करनाल हाईवे : 35 किमी
- प्रस्तावित दिल्ली-देहरादून इकनॉमिक कॉरिडोर : 26 किमी
- हाईवे और बाईपास में भूमि अर्जन से मिला मुआवजा: 398 करोड़
जिले में रोडवेज बसों की स्थिति
- शामली बस स्टैंड : 23
- जलालाबाद बस स्टैंड : 29
- डिपो के लिए बोर्ड बैठक में स्वीकृत बजट : 8.50 करोड़
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