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हाईवे जाम कर प्रदर्शन किया

Thu, 08 Jun 2017 12:01 AM IST
शामली, अमर उजाला ब्यूरो
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revel - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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शामली। निर्बल इंडियन शोषित हमारा आम दल के आह्वान पर कश्यप और निषाद समाज के लोगों ने पानीपत-खटीमा हाईवे जाम कर प्रदर्शन किया। उनकी मांग है कि कश्यप और निषाद सहित 17 जातियों को अनुसूचित जाति एवं जनजाति में शामिल करके उसी के अनुसार ही जाति प्रमाण पत्र जारी कराए जाएं।
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 दो जून से निर्बल इंडियन शोषित हमारा आम दल के जिलाध्यक्ष धर्मवीर कश्यप के नेतृत्व में पानीपत-खटीमा हाइवे पर बनत में धरना प्रदर्शन चल रहा है। बुधवार को धरनारत लोग झंडे लेकर नारेबाजी करते हुए हाइवे पर आ गए और जाम लगाकर प्रदर्शन करना शुरू कर दिया। इससे ट्रैफिक जाम हो गया।

सूचना मिलने पर एसडीएम शामली एमपी सिंह मौके पर पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने उन्हें ज्ञापन देकर कहा कि कश्यप, निषाद, केवट, मल्लाह, रैकवार, बाथम, कुम्हार, प्रजापति, धीवर, धीमर और राजभर सहित 17 जातियों को उत्तर प्रदेश के पिछड़ी जाति की सूची से हटाकर अनुसूचित जाति एवं जनजाति में शामिल कराया जाएं।
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इस संबंध में शासनादेश जारी कराकर समस्त जिलों से अनुसूचित जाति के प्रमाण पत्र जारी कराए जाएं। इसके अलावा फूलन देवी, जमुना निषाद और अखिलेश निषाद के हत्या के मामले की सीबीआई से जांच कराने की मांग की गई। 

इस दौरान एसडीएम एमपी सिंह ने प्रदर्शनकारियों को समझा बुझाकर शांत किया। तब जाकर लोगों ने प्रदर्शन बंद कर जाम खोला। इस दौरान मौके पर मुख्य रूप से शामिल होने वालों मे धर्मवीर कश्यप, सतपाल कश्यप, रिजवान, निक्की, अंकुर कश्यप, प्रदीप कुमार, लोकेश कश्यप, दीपक, रविंद्र, ओमपाल, संदीप, संजू, मनोज, शोकेंद्र, अर्जुन, आसिफ, गौरव कश्यप मौजूद रहे।

निराधार है आरोप : सचिव 
नवीन मंडी समिति के सचिव सुमेर सिंह का कहना है कि आढ़त का लाइसेंस बनवाने की निर्धारित फीस 250 रुपये है। गुरमेंद्र सिंह अथवा उनके किसी साथी ने लाइसेंस बनवाने के लिए आवेदन ही नहीं किया। रिश्वत मांगने का आरोप बेबुनियाद है। वह उच्चाधिकारियों से वार्ता कर रहे हैं, जिसके बाद वह भी गुरमेंद्र और उनके साथियों के खिलाफ तहरीर देंगे। 

मामले की जांच कराई जाएगी
 एसडीएम शामली/सभापति मंडी समिति एमपी सिंह ने बताया कि मामला जानकारी में आया है। आरोप लगाने वालों ने पहले खुद को क्राइम ब्रांच से बताया था और रिश्वत मांगने की रिकार्डिंग के नाम पर अवैध वसूली की कोशिश की गई। मंडी समिति सचिव ने इस बारे में तभी सूचना दी थी। शक होने पर उनसे पहचान पत्र मांगा, तो आरोपियों से दो मौके से भाग गए, जबकि दो लोगों को वहीं बैठाने के बाद पुलिस को सूचना दी गई। जांच कराई जाएगी कि मामले में किसने क्या अपराध किया है। 
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